
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल की पहल पर डीएमएफ से 26 पैरामेडिकल पदों की स्वीकृति, दूरस्थ अंचलों तक पहुंचेगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा
रायपुर 6 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। इसी क्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल की पहल और मार्गदर्शन में सरगुजा जिले के दूरस्थ एवं संसाधन-विहीन स्वास्थ्य संस्थानों में लंबे समय से बनी मानव संसाधन की कमी को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। जिला प्रशासन ने जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) निधि से विभिन्न पैरामेडिकल संवर्ग के 26 पदों की स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय से जिले के सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले हजारों नागरिकों को उनके निकट ही बेहतर एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी नागरिक स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे। इसी सोच के अनुरूप स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने, उपचार सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगातार ठोस पहल की जा रही है। सरगुजा जिले में डीएमएफ निधि से पैरामेडिकल पदों की स्वीकृति इसी जनकल्याणकारी सोच का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सरगुजा अंचल में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। उनके विशेष प्रयासों से जिला प्रशासन द्वारा ऐसे स्वास्थ्य संस्थानों को प्राथमिकता दी गई है, जहां लंबे समय से आवश्यक पैरामेडिकल कर्मियों की कमी के कारण मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अब इन पदों पर नियुक्तियां होने से प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और मरीजों को उपचार एवं जांच के लिए अनावश्यक रूप से जिला मुख्यालय की ओर नहीं जाना पड़ेगा।
जिला कलेक्टर श्री अजीत वसंत द्वारा स्वीकृत इस प्रस्ताव के तहत डीएमएफ निधि से फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, एएनएम, आरएचओ (पुरुष), ओटी टेक्निशियन तथा ड्रेसर सहित कुल 26 पैरामेडिकल पदों पर एकमुश्त मानदेय के आधार पर नियुक्तियां की जाएंगी। इन नियुक्तियों का उद्देश्य दूरस्थ एवं एकल स्वास्थ्य संस्थानों में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना, मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन को गति देना है।
स्वीकृत पदों में 6 फार्मासिस्ट, 3 स्टाफ नर्स, 6 एएनएम, 2 आरएचओ (पुरुष), 1 ओटी टेक्निशियन तथा 8 ड्रेसर के पद शामिल हैं। इनकी नियुक्ति जिले के विभिन्न विकासखंडों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों में की जाएगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और अधिक मजबूत होगा।
अम्बिकापुर विकासखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवानगर, रामपुर तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दरिमा सहित अन्य संस्थानों में आवश्यक पैरामेडिकल कर्मियों की नियुक्ति होगी। बतौली, लखनपुर, धौरपुर, मैनपाट, सीतापुर और उदयपुर विकासखंडों के दूरस्थ स्वास्थ्य केंद्रों में भी स्वीकृत पदों के माध्यम से मानव संसाधन की कमी दूर की जाएगी। इसके अलावा शहरी अम्बिकापुर के नवापारा शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी ओटी टेक्निशियन, स्टाफ नर्स एवं ड्रेसर की नियुक्ति से शहरी स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी।
इन नियुक्तियों से दूरस्थ अंचलों में रहने वाले ग्रामीणों, महिलाओं, बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिक उपचार, दवा वितरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, आवश्यक जांच तथा अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध हो सकेंगी। इससे मरीजों का समय और आर्थिक व्यय दोनों बचेंगे तथा गंभीर परिस्थितियों में त्वरित उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, चिकित्सा अधोसंरचना के विकास तथा मानव संसाधनों की उपलब्धता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के सतत प्रयासों से सरगुजा जिले में स्वास्थ्य क्षेत्र को मिली यह बड़ी सौगात निश्चित रूप से दूरस्थ अंचलों के नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी। यह पहल राज्य सरकार की जनकेंद्रित, संवेदनशील और विकासोन्मुखी कार्यशैली का सशक्त उदाहरण है, जिसके माध्यम से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प निरंतर साकार हो रहा है।









