
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार 5 जनवरी को अपना 71वां जन्मदिन मना रही हैं. विभिन्न पार्टियों के नेता और लोग उन्हें इसे लेकर बधाई दे रहे हैं.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 71 साल की हो गयी हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई राजनेताओं ने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके जन्मदिन पर बधाई दी और उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना की. नरेंद्र मोदी ने X पर लिखा- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता दीदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं. मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना करता हूं.
राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने दी बधाई
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी समेत देश के कई नेताओं ने जन्मदिन की बधाई दी है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा है कि ममता दीदी को जन्मदिन की बधाई. आपके खुशहाल, स्वस्थ व दीर्घ जीवन की कामना.
जन्मदिन की सच्चाई
5 जनवरी 1955 को जन्मीं बनर्जी पश्चिम बंगाल की तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं. ममता बनर्जी सात बार लोकसभा के लिए चुनी गईं और केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के रूप में भी काम किया. वह पश्चिम बंगाल की पहली महिला मुख्यमंत्री हैं. जन्मदिन को लेकर बताया जाता है कि ममता बनर्जी की जन्मतिथि उनकी किताबों में 5 जनवरी दर्ज है, लेकिन उन्होंने खुद अपनी किताब में लिखा है कि उन्होंने अपनी मां से सुना था कि उनका जन्मदिन दुर्गा पूजा के दौरान होता है.
ममता के पास हैं कई डिग्रियां
5 जनवरी 1955 को कोलकाता में प्रोमिलेश्वर और गायत्री बनर्जी के घर जन्मीं ममता बनर्जी का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. राजनीति के अखाड़े में विरोधियों को धूल चटाने वाली ममता ने शिक्षा के क्षेत्र में भी कई डिग्रियां हासिल की हैं. उनके पास बीए, बी.एड, कानून और एमए की डिग्रियां हैं.
छात्र जीवन से राजनीति में एंट्री
राजनीति में उनकी एंट्री छात्र जीवन से ही हो गई थी1 जोगमाया देवी कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही वे छात्र परिषद में शामिल हो गईं. 1984 में उन्होंने जादवपुर संसदीय सीट से चुनाव जीतकर सबको चौंका दिया था. इसके बाद वे दक्षिण कोलकाता सीट से 1991, 1996, 1998, 1999, 2004 और 2009 में लगातार सांसद चुनी गईं.
34 साल का किला ढहाने वाली पहली महिला
ममता बनर्जी का नाम इतिहास में इसलिए भी दर्ज है क्योंकि उन्होंने 2011 में पश्चिम बंगाल में वाममोर्चा के 34 साल पुराने अभेद्य किले को ढहा दिया था. 20 मई, 2011 को उन्होंने पश्चिम बंगाल की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और तब से वे लगातार तीसरी बार राज्य की कमान संभाल रही हैं. केंद्र में भी वे रेल मंत्री, कोयला और खान मंत्री, और युवा व खेल राज्य मंत्री जैसे अहम पदों पर रह चुकी हैं.
ब्रश और कलम की जादूगर
सियासत की भागदौड़ के बीच ममता बनर्जी के पास एक ऐसा छिपा हुआ हुनर भी है, जिसके बारे में कम ही चर्चा होती है. वह एक बेहतरीन कवयित्री और पेंटर भी हैं. बेहद व्यस्त होने के बावजूद, उन्होंने 5000 से अधिक ऑयल पेंटिंग्स बनाई हैं. उनकी कई पेंटिंग्स की नीलामी भी हुई है, और उससे मिली रकम को उन्होंने सामाजिक और विकास कार्यों के लिए दान कर दिया. ममता बनर्जी ने अंग्रेजी और बंगाली भाषा में 20 से अधिक किताबें लिखी हैं.







