Ro no D15139/23

ममता बनर्जी बनाम शुभेंदु अधिकारी राउंड-2, नंदीग्राम के बाद भवानीपुर बना जंग का मैदान, दीदी के गढ़ में बदली सियासत

Mamata Banerjee vs Suvendu Adhikari Bhabanipur: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की सबसे बड़ी और रोमांचक जंग की तस्वीर साफ हो गयी है. राज्य की राजनीति के 2 सबसे बड़े धुरंधर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी एक बार फिर आमने-सामने हैं. इस बार रणक्षेत्र नंदीग्राम नहीं, कोलकाता की हाई-प्रोफाइल सीट भवानीपुर है. 2021 में नंदीग्राम की कड़वी हार का बदला लेने के लिए ममता बनर्जी अपने घर में तैयार हैं. शुभेंदु अधिकारी ने भी सीधे मुख्यमंत्री के गढ़ में ताल ठोककर मुकाबले को ‘अस्तित्व की लड़ाई’ बना दिया है.

नंदीग्राम का बदला या भवानीपुर में सेंध?

2021 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में ममता बनर्जी को 1956 वोटों के मामूली अंतर से हराकर देश भर में सुर्खियां बटोरी थीं. तब ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में जाकर उनको चुनौती दी थी. इस बार भाजपा ने ममता बनर्जी को उनके ही घर में उलझाये रखने के लिए बड़ी रणनीतिक चाल चली और शुभेंदु अधिकारी को नंदीग्राम के साथ-साथ भवानीपुर से भी चुनाव के मैदान में उतार दिया.

TMC का ‘अमेठी’ वाला दांव

ममता बनर्जी की पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भी जवाबी हमला करते हुए नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी के ही पूर्व करीबी पवित्र कर को मैदान में उतार दिया. पार्टी का लक्ष्य शुभेंदु को नंदीग्राम में घेरना है. ठीक वैसे ही, जैसे 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अमेठी में स्मृति ईरानी के खिलाफ रणनीति बनायी थी.

SIR ने बदल दिया है भवानीपुर का गणित

इस बार भवानीपुर की लड़ाई केवल 2 चेहरों की नहीं,‘वोटर लिस्ट’ की भी है. हाल ही में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद भवानीपुर सीट से करीब 25 प्रतिशत मतदाताओं के नाम कट गये हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, हटाये गये 51,004 नामों में से एक बड़ी संख्या उन मतदाताओं की है, जिन्हें ममता बनर्जी का पारंपरिक समर्थक माना जाता था. भाजपा इसे निष्पक्ष चुनाव की ओर कदम बता रही है, जबकि टीएमसी ने इसे चुनाव प्रभावित करने की ‘साजिश’ करार दिया है.

दीदी’ की साख बनाम ‘दादा’ का आत्मबल

ममता बनर्जी इस चुनाव में खुद को ‘बंगाल की रक्षक’ के तौर पर पेश कर रही हैं और बाहरी दखलअंदाजी का मुद्दा उठा रही हैं. शुभेंदु अधिकारी 2021 की जीत को ढाल बनाकर जनता को यह यकीन दिला रहे हैं कि ‘ममता का किला’ ढहाया जा सकता है. भवानीपुर की सड़कों पर ‘खेला होबे’ और ‘जय श्रीराम’ के नारों के बीच यह मुकाबला अब उस मोड़ पर पहुंच गया है, जहां एक-एक वोट की कीमत करोड़ों में है.

Mamata Banerjee vs Suvendu Adhikari Bhabanipur: 4 मई को तय होगा- बंगाल का सुल्तान कौन?

राजनीतिक विश्लेषकों की मानें, तो अगर शुभेंदु अधिकारी भवानीपुर में ममता बनर्जी को कड़ी टक्कर देने में सफल रहते हैं, तो यह बंगाल की राजनीति में एक टेक्टोनिक शिफ्ट (बड़ा बदलाव) होगा. 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग के बाद 4 मई को होने वाली मतगणना ही तय करेगा कि बंगाल का असली ‘सुल्तान’ कौन है.

  • Related Posts

    बंगाल में दुग्ध क्रांति की तैयारी, हावड़ा में 650 करोड़ का प्लांट लगायेगा अमूल, अमित शाह करेंगे शिलान्यास

    कोलकाता से शिव कुमार राउत की रिपोर्ट Amul Dairy Plant in Howrah: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद औद्योगिक निवेश को नयी गति मिलने जा रही है. देश की…

    Read more

    सोनिया गांधी के गले लगकर क्यों रो पड़ीं तृणमूल चीफ ममता बनर्जी? जानें जादू की झप्पी की इनसाइड स्टोरी

    Mamata Banerjee Sonia Gandhi Hug: नयी दिल्ली में आयोजित इंडिया (INDIA) गठबंधन की समन्वय बैठक में सोमवार को ऐसा अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला, जिसने राजनीतिक विश्लेषकों को हैरान कर…

    Read more

    NATIONAL

    मोदी सरकार के 12 वर्ष आदिवासी उत्थान और नक्सलमुक्ति का स्वर्णकाल- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    मोदी सरकार के 12 वर्ष आदिवासी उत्थान और नक्सलमुक्ति का स्वर्णकाल- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    लोगों का भरोसा जीतने में सफल रहे हैं पीएम मोदी, पढ़ें नीतीश कुमार का आलेख

    लोगों का भरोसा जीतने में सफल रहे हैं पीएम मोदी, पढ़ें नीतीश कुमार का आलेख

    ममता बनर्जी के चारों ओर सन्नाटा! फोन बंद, चेहरे गायब, दीदी के सबसे करीबी सांसदों ने संकट में मुंह फेरा

    ममता बनर्जी के चारों ओर सन्नाटा! फोन बंद, चेहरे गायब, दीदी के सबसे करीबी सांसदों ने संकट में मुंह फेरा

    4399 दिन… पीछे छूटे नेहरू, नरेंद्र मोदी बने भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री

    4399 दिन… पीछे छूटे नेहरू, नरेंद्र मोदी बने भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री

    नाज़िया इलाही खान के बयान पर मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी का तीखा पलटवार, कहा— “मुहर्रम और अज़ादारी पर सवाल उठाना करोड़ों भारतीयों की आस्था का अपमान”

    नाज़िया इलाही खान के बयान पर मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी का तीखा पलटवार, कहा— “मुहर्रम और अज़ादारी पर सवाल उठाना करोड़ों भारतीयों की आस्था का अपमान”

    वाराणसी में नॉनवेज दुकानों पर कार्रवाई और शराब की दुकानों पर चुप्पी न्यायसंगत नहीं : मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी

    वाराणसी में नॉनवेज दुकानों पर कार्रवाई और शराब की दुकानों पर चुप्पी न्यायसंगत नहीं : मौलाना जावेद हैदर ज़ैदी