
केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि तथा किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज असम और त्रिपुरा के दौरे पर
गुवाहाटी में केन्द्रीय बजट पर पत्रकार वार्ता को किया संबोधित2026-27 का फ्यूचरस्टिक बजट नार्थ ईस्ट की तस्वीर और तक़दीर दोनों बदलेगा: श्री शिवराज सिंह
वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट सर्वस्पर्शी और सर्व-समावेशी है : श्री शिवराज सिंह
वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट ग्रामीण विकास के लिए अद्भुत और इसमें 21% की वृद्धि की गई है : श्री शिवराज सिंह
नए बिल, वी बी – जी राम जी (VB- G RAM G) में काम मांगने पर यदि रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोज़गारी भत्ता देने का प्रावधान :श्री शिवराज सिंह
केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि तथा किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज असम और त्रिपुरा के दौरे पर है । इस दौरान उन्होंने असम में गुवाहाटी और त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में अलग-अलग कार्यक्रमों में भाग लिया।
दशकों तक नॉर्थ ईस्ट, खासकर असम में न सड़कें थीं, न मज़बूत रेल कनेक्टिविटी, न उद्योग और न ही युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर थे। उन्होंने आगे बताया कि नॉर्थ ईस्ट के समग्र विकास के लिए प्रधानमंत्री विकास पहल के तहत 2,300 करोड़, विशेष अवसंरचना योजना के लिए 2,500 करोड़ और उत्तर पूर्व परिषद के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मेडिकल टूरिज्म और हेल्थ सर्विसेज को बढ़ावा देने के लिए देश में 5 रीजनल मेडिकल हब बनाए जाएंगे, जिनमें उत्तर पूर्व निश्चित रूप से शामिल होगा। अपने यात्रा के पहले चरण में श्री शिवराज सिंह ने गुवाहाटी में केन्द्रीय बजट पर एक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट यह बजट समाज के हर वर्ग, हर जाति, हर प्रदेश और विशेषकर पूर्वोत्तर को सशक्त बनाने का स्पष्ट ब्लूप्रिंट है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इस बजट में विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए भविष्य का पूरा रोडमैप और खाका तैयार किया गया है।
अपने प्रेस को संबोधन में उन्होंने कहा कि आज तेज़ कनेक्टिविटी के कारण नॉर्थ-ईस्ट में उद्योग, खेती, फल-सब्ज़ियों के निर्यात और देशभर तक पहुँच के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। सेमीकंडक्टर 2.0 जैसी योजनाएँ, जिन पर असम में भी तेज़ी से काम हो रहा है, युवाओं के लिए रोज़गार और विकास के नए द्वार खोलेंगी। यह फ्यूचरिस्टिक बजट नॉर्थ-ईस्ट की तस्वीर और तक़दीर दोनों बदलने वाला है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट सर्वस्पर्शी और सर्व-समावेशी है
श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह बजट गरीब, किसान, युवा और महिलाओं सहित समाज के हर वर्ग को सशक्त करने वाला, सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी बजट है। मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को नई गति देने का स्पष्ट रोडमैप इस बजट में प्रस्तुत किया गया है। श्री शिवराज सिंह चौहान ने वार्ता में बताया कि इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ किसानों के कल्याण को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। कृषि क्षेत्र के लिए 1,32,561 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, एग्री-एजुकेशन और अनुसंधान के लिए लगभग 9,967 करोड़ रुपये रखे गए हैं, ताकि रिसर्च और इनोवेशन को नई ताकत मिले। साथ ही किसानों को राहत देने के लिए फर्टिलाइज़र सब्सिडी के रूप में 1,70,944 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जिससे खेती की लागत घटेगी और किसानों को उर्वरक सस्ते दामों पर उपलब्ध होगा।
वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट ग्रामीण विकास के लिए अद्भुत और इसमें 21% की वृद्धि की गई है
श्री शिवराज सिंह चौहान ने यह भी बताया कि ग्रामीण विकास विभाग के बजट में भी 21% की ऐतिहासिक वृद्धि की गई है। मनरेगा के स्थान पर लाई गई VB- G RAM G योजना के लिए ₹1,51,282 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष ₹86,000 करोड़ था। उन्होंने कहा कि हमने मजदूर भाइयों को 100 नहीं बल्कि 125 दिन के रोज़गार का वचन दिया है और उसके लिए बजट में पूरी व्यवस्था की गई है। संपूर्ण विकसित गांव की परिकल्पना को ज़मीन पर उतारने के लिए अलग से विशेष प्रावधान किए गए हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा के विषय पर बोलेते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा, हमारे लिए सर्वोपरि है और सीमाओं की सुरक्षा के लिए भारत सरकार हर आवश्यक कदम उठा रही है। अवैध रूप से कोई भी भारत में प्रवेश न कर सके, इसके लिए पुख़्ता इंतज़ाम किए गए हैं। और जो विदेशी घुसपैठिए देश में मौजूद हैं, उनकी पहचान कर उन्हें बाहर निकालना हमारी सरकार का संकल्प है।
इससे पहले अपने प्रतिदिन पौधरोपण के संकल्प के क्रम में श्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज गुवाहाटी में असम सरकार में कृषि मंत्री श्री अतुल बोरा और पशुपालन मंत्री श्री के पॉल तथा अन्य गणमान्यजनों की उपस्थिति में पौधारोपण किया।
अगरतला में विकसित भारत – जी राम जी कार्यक्रम में हुए शामिल
अपनी पूर्वोत्तर यात्रा के अगले पड़ाव पर केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, त्रिपुरा के अगरतला में विकसित भारत – जी राम जी कार्यक्रम में शामिल हुए। जहां उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थितजनों को संबोधित किया। अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने पूर्वोत्तर को ‘अष्टलक्ष्मी’ कहा है, और त्रिपुरा वह भूमि है जहाँ अष्टलक्ष्मी के सभी रूप सजीव रूप में दिखाई देते हैं और त्रिपुरा अष्टलक्ष्मी के पूर्ण वैभव का केंद्र है। श्री शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा कि पहले की सरकारों के समय वर्षों तक यहाँ न कनेक्टिविटी मिली थी, न फसलों का उत्पादन बढ़ा, न ही गाँवों में ठोस विकास हुआ था।
नए बिल, वी बी – जी राम जी (VB- G RAM G) में काम मांगने पर यदि रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोज़गारी भत्ता देने का प्रावधान
श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं आज आपके बीच ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना पर चर्चा करने आया हूँ, जो गाँव-गाँव तक विकास पहुँचाने का संकल्प है और मैं, यह विश्वास दिलाने आया हूँ कि ‘विकसित भारत जी राम जी’ पर बना नया कानून, विकसित भारत का संपूर्ण रोडमैप हैं। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि रोजगार की गांरटी वाले नए बिल वी बी – जी राम जी (VB- G RAM G) में यह प्रावधान किया गया है कि काम मांगने पर यदि रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोज़गारी भत्ता दिया जाएगा। मजदूरी के भुगतान में देरी होने पर श्रमिकों को ब्याज सहित भुगतान करना होगा। इसमें प्रशासनिक व्यय 6% से बढ़ाकर 9% कर दिया गया है। पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, मेट, टेक्निकल स्टॉफ सहित को वेतन में कोई परेशानी नहीं होगी।
केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री श्री मानिक साहा के साथ ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं के संबंध में चर्चा की।





