
रायपुर, 24 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ शासन की राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनकर उभर रही है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से प्रदेशभर की महिलाएं कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, लघु उद्यम और अन्य आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से हजारों महिलाएं आज अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ समाज में नई पहचान स्थापित कर रही हैं।
सरगुजा जिले के ग्राम बरकेलाला (पोस्ट सखौली) की श्रीमती मीरा बाई इस परिवर्तन की प्रेरक मिसाल हैं। तारा स्वयं सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने खेती और मत्स्य पालन के माध्यम से आर्थिक समृद्धि हासिल की और आज ‘लखपति दीदी’ के रूप में अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई हैं।
समूह से मिला आर्थिक संबल
मीरा बाई बताती हैं कि उनके स्वयं सहायता समूह में 10 महिलाएं शामिल हैं, जो नियमित बचत, बैंकिंग गतिविधियों और सामूहिक आजीविका कार्यों से जुड़ी हैं। समूह के माध्यम से प्राप्त एक लाख रुपये के ऋण का उपयोग कृषि और मत्स्य पालन जैसी आयवर्धक गतिविधियों के विस्तार में किया गया, जिससे सभी सदस्यों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
खेती और मत्स्य पालन से बढ़ी आय
समूह की महिलाओं ने ऋण राशि से धान, मक्का और अरहर की खेती के साथ-साथ मत्स्य पालन का कार्य भी शुरू किया। आधुनिक कृषि पद्धतियों और सिंचाई सुविधाओं का लाभ मिलने से उत्पादन बढ़ा और बेहतर आय प्राप्त हुई। प्राप्त आय से समूह ने समय पर ऋण का भुगतान भी किया तथा आवश्यकता अनुसार पुनः ऋण लेकर आजीविका गतिविधियों का विस्तार किया।
‘लखपति दीदी’ बनकर बनीं प्रेरणा
मीरा बाई वर्तमान में ‘लखपति दीदी’ अभियान से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई पहचान बना चुकी हैं। वे अन्य ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने, स्वरोजगार अपनाने और आयवर्धक गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनका मानना है कि सामूहिक प्रयास और योजनाओं का सही उपयोग महिलाओं के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकता है।
मीरा बाई ने अपनी सफलता का श्रेय शासन की योजनाओं और स्वयं सहायता समूहों को देते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, सम्मानजनक आजीविका अर्जित करने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का अवसर प्रदान किया है।
प्रदेश में ‘बिहान’ योजना के माध्यम से हजारों महिलाएं कृषि, मत्स्य पालन, पशुपालन, लघु उद्यम और अन्य आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।









