
बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जीवनदीप समिति के अंतर्गत कार्यरत सफाईकर्मियों का मानदेय 200 रुपये बढ़ाने का निर्णय लिया गया। साथ ही जिला चिकित्सालय में भर्ती मरीजों एवं प्रसूता माताओं को दिए जाने वाले भोजन एवं नाश्ते की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए वितरण से पूर्व आपातकालीन चिकित्सक द्वारा परीक्षण करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी को निर्देशित किया कि जिला अस्पताल परिसर से सामान्य कचरे का नियमित रूप से प्रति सप्ताह उठाव सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा जिला चिकित्सालय एवं एमसीएच में सफाई सेवाओं को आउटसोर्स करने का निर्णय लिया गया। अस्पताल की सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से 250 केव्हीए के नए जनरेटर का प्रस्ताव सीएमएचटीएफ को भेजने के निर्देश दिए गए। वहीं मरीजों को एमआरडी से केस फाइल की प्रति उपलब्ध कराने हेतु 1 रुपये प्रति पेज शुल्क निर्धारित किया गया।
बैठक में जनऔषधि केंद्र को जिला अस्पताल परिसर में खोले जाने तथा जीवनदीप समिति के माध्यम से कैंटीन एवं दुकानों के संचालन हेतु किराये पर उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया। कलेक्टर ने सभी चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को शासन द्वारा निर्धारित ओपीडी समय प्रातः 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक का कड़ाई से पालन करते हुए अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए। साथ ही मोतियाबिंद ऑपरेशन के लक्ष्य को समय-सीमा में पूरा करने के लिए अन्य जिलों से नेत्र रोग विशेषज्ञों को बुलाने का निर्णय लिया गया। बैठक में डिप्टी कलेक्टर श्री हरिओम द्विवेदी, सीएमएचओ डॉ. जी.एस. जात्रा, सीएमओ जशपुर श्री योगेश्वर उपाध्याय सहित स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।









