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मंत्री राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर पुलिस ग्राउंड में अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा’ और मोबाइल फॉरेंसिक वैन का किया शुभारंभ

 

अम्बिकापुर 20 मई 2026/  जिले में तकनीक आधारित सुशासन और आधुनिक कानून व्यवस्था को नई मजबूती देते हुए पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री  राजेश अग्रवाल ने आज अंबिकापुर पुलिस ग्राउंड में अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन  सीजी डायल-112 सेवा’ तथा मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने 12 आधुनिक डायल-112 वाहनों एवं मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शुभारंभ अवसर पर लुण्ड्रा विधायक  प्रबोध मिंज, महापौर  मंजूषा भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, आईजी श्री दीपक झा, कलेक्टर  अजीत वसंत, एसएसपी  राजेश अग्रवाल, सीएसपी  राहुल बंसल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों सहित अन्य उपस्थित थे।

श्री अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में तकनीक आधारित सुशासन और नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा’ और मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ छत्तीसगढ़ में आधुनिक एवं त्वरित आपातकालीन सहायता व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ की भावना के साथ अब प्रदेशवासियों को पुलिस, मेडिकल, फायर और आपदा जैसी हर आपात स्थिति में एकीकृत एवं त्वरित सहायता उपलब्ध होगी। अत्याधुनिक तकनीकों से लैस यह व्यवस्था न केवल आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाएगी, बल्कि आम जनता का सुरक्षा व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत करेगी।

मंत्री श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक जांच संभव हो सकेगी, जिससे अपराध अनुसंधान की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार आएगा तथा साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को मजबूती मिलेगी। यह सेवा प्रदेश में पारदर्शी, समयबद्ध और विश्वसनीय जांच व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। ज्ञातव्य है कि देश में आपातकालीन सेवाओं को और अधिक आधुनिक, त्वरित एवं नागरिक केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा 18 मई को ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 इंटीग्रेटेड इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम का शुभारंभ किया गया था। इसी कड़ी में आज जिलों में इस उन्नत सेवा को प्रारंभ किया गया।

एक ही नंबर पर हर आपात स्थिति में त्वरित सहायता
‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम पर आधारित यह आधुनिक सेवा पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा सेवाओं को एकीकृत करते हुए नागरिकों को एक ही नंबर पर त्वरित सहायता उपलब्ध कराएगी। अब प्रदेशवासियों को पुलिस सहायता, मेडिकल इमरजेंसी, आगजनी, सड़क दुर्घटना, महिला सुरक्षा, चाइल्ड हेल्पलाइन, आपदा प्रबंधन और हाईवे इमरजेंसी जैसी सेवाएं एकीकृत मंच पर उपलब्ध होंगी।

इस सेवा के अंतर्गत प्रदेश में शुरू किए गए 400 अत्याधुनिक वाहनों में स्मार्टफोन, जीपीएस, वायरलेस रेडियो, पीटीजेड कैमरा, डैश कैम, मोबाइल एनवीआर तथा सोलर बैकअप जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन तकनीकों की सहायता से घटनास्थल की लाइव मॉनिटरिंग, रियल-टाइम ट्रैकिंग और त्वरित संचार सुनिश्चित किया जा सकेगा।

24×7 संचालित होगी आधुनिक आपातकालीन सेवा
नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा 24×7 संचालित होगी। इसमें जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग, एडवांस व्हीकल ट्रैकिंग एसआईपी ट्रंक टेक्नोलॉजी और ऑटोमेटिक कॉलर लोकेशन पहचान प्रणाली जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। राज्य के सभी 33 जिला समन्वय केंद्रों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा गया है। नागरिक अब वॉयस कॉल, एसएमएस, ईमेल, वेब पोर्टल, व्हाट्सएप, चैटबॉट और एसओएस-112  इंडिया ऐप के माध्यम से भी सहायता प्राप्त कर सकेंगे।

मोबाइल फॉरेंसिक वैन से घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच
प्रदेश में अपराध अनुसंधान को नई दिशा देने के उद्देश्य से शुरू की गई 32 अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन अब घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराएंगी। “32 वैन-32 जिले एक संकल्प- सटीक जांच, त्वरित न्याय” की अवधारणा पर आधारित यह पहल साक्ष्य आधारित न्याय व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगी। लगभग 65 लाख रुपये प्रति यूनिट लागत वाली इन मोबाइल फॉरेंसिक वैन में घटनास्थल संरक्षण किट, साक्ष्य संग्रहण एवं सीलिंग उपकरण, फिंगरप्रिंट डिटेक्शन सिस्टम, नार्कोटिक्स परीक्षण किट, डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट, उच्च गुणवत्ता फोटोग्राफी व्यवस्था, बुलेट होल स्क्रीनिंग एवं बैलिस्टिक जांच किट तथा गनशॉट रेजिड्यू परीक्षण किट जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं।

अब तक अपराध स्थल से साक्ष्यों को प्रयोगशालाओं तक पहुंचाने में समय लगने के कारण साक्ष्यों के दूषित होने और जांच रिपोर्ट में विलंब की संभावना बनी रहती थी। नई मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही साक्ष्य संरक्षण, प्रारंभिक परीक्षण और डिजिटल दस्तावेजीकरण संभव हो सकेगा, जिससे जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में महत्वपूर्ण सुधार होगा।

साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को मिलेगा नया बल
राज्य सरकार का उद्देश्य वैज्ञानिक जांच को जन-जन तक पहुंचाना, अपराध नियंत्रण में फॉरेंसिक विज्ञान की भूमिका को सशक्त करना तथा समयबद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच सुनिश्चित करना है। आधुनिक डायल-112 सेवा और मोबाइल फॉरेंसिक वैन के संचालन से प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार होगा, अपराध अनुसंधान को नई गति मिलेगी तथा आम नागरिकों का कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा।

तकनीक आधारित सुशासन की दिशा में अभिनव पहल
प्रदेश में संचालित डायल-112 सेवा वर्ष 2018 से अब तक लाखों नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता प्रदान कर चुकी है। पहले इसकी सेवाएं 16 जिलों तक सीमित थीं, लेकिन अब इसे प्रदेश के सभी 33 जिलों तक विस्तारित किया जा रहा है। नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 प्रदेश में तकनीक आधारित सुशासन की दिशा में एक अभिनव पहल है, जिसके माध्यम से नागरिकों को त्वरित, समन्वित और भरोसेमंद आपातकालीन सहायता सुनिश्चित की जा रही है।

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