
कितनी उलजुलूल बात लग रही है। एकदम बकवास। क्या मोदीजी हट गये और क्या भाजपा में हड़कम्प है ? क्या पैट्रोल 500 पहुंच गया है।

ऐसा तो कुछ भी नहीं है, आपका गुस्सा होना लाजिमी है। एकदम सही है आपकी आपत्ति।
एकदम सही है आपका मुझ पर हंसना। हंसने से भी अधिक मन का खिन्न हो जाना। इतनी मुर्खता पूर्ण बकवास कोई कैसे कर सकता है ?
धुरंधर के बीच
घुसा एपस्टीन
धुरंधर जैसी प्यारी और उत्साहपूर्ण फिल्म के बारे में लिखने में काफी मजा आ रहा था। लेख बड़ा लंबा हो गया। लिखने की भी मर्यादा होती है।
धुरंधर के बारे में लिखते हुए लेख इतना बड़ा हो रहा था कि उसे दो भागों में बांटने का निर्णय लिया।
17 तारीख को लिखा-‘धुरंधर (भाग 1)-नंगा कर दिया मंत्री को, गद्दारांे को, दिखाई जासूसों की देशभक्ति,संयम,पीड़ा’ साथ ही दूसरा भाग भी तैयार कर लिया। मगर बीच में सनसनी फैल गयी।

बीच में एपस्टीन घुस गया। एपस्टीन नाम है उस ब्लैक मेलर का जिसने पूरे विश्व के साथ भारत में भी सनसनी फैला दी या यूं कहें कि वो तो अपनी जगह सही है मगर घटिया मजाक हमारे ही देश के कुछ मसखरों ने कर दी।
इनकी भी गलती नहीं है सत्ता से बाहर रहते लंबे समय से वे लोग विचलित हो गये हैं। दूर-दूर तक सत्ता का गलियारा कहीं नजर नहीं आ रहा लिहाजा बौखला गये हैं और खुद को थोड़ा खुश करने के लिये ऐसे शिगूफे छोड़ रहे हैं।
एपस्टीन… है क्या बला
ये नाम है एक ऐसे शख्स का जो निहायत रईस अमेरिकी था। उसके पास अपना एक टापू था, अपना एक जेट विमान था, जिसमें वो विश्व के बड़े-बड़े लोगों को बुलवाता था और छोटी-छोटी लड़कियों से उनका मनोेरंजन करवाता था।

फिर उन बड़े-बड़े लोगों की फोटो रखकर उन्हें ब्लैकमेल करता था।
कहा जाता है कि काफी विवाद के बाद उसे सजा हुई और जेल में ही उसे बड़े लोगांे ने मरवा दिया।
तब भड़की अमेरिकी जनता ने उसके आधिपत्य की फाईलों को और उससे उपकृत होने वालों के नाम सार्वजनिक करने की मांग की, जिसे अदालत ने माना और 19 दिसंबर को अमेरिकी सुबह उनके नाम सार्वजनिक किया जाना तय हुआ।बस तभी से भारत में मोदी विरोधियांे ने उछलकूद चालू कर दी, दावा किया जाने लगा कि इसमें मोदीजी निकल लेंगे, पर अंततः औंधे मुंह गिर पड़े।
19 को हट जाएंगे मोदी
महाराष्ट्र का बनेगा पीएम
दिल को खुश करने के लिये बोलना है तो फिर दिल खोलकर बोलो। सो बोला। बोला कि 19 को अमेरिका की एपस्टीन फाईल्स खुलेंगी तो उसमें मोदीजी, हरदीप पुरी, अनिल अंबानी और सचिन तंेदूलकर का नाम उजागर होगा। मोदीजी मुसीबत में हैं। हटेंगे। महाराष्ट्रª से कोई प्रधानमंत्री का पद ग्रहण करेगा।
है ने सनसनी फैलाने वाली खबर। यह खबर कई दुष्टों को खुश कर गयी। कई देशभक्तों को कई हिंदु हितैषियों को दुखी कर गयी। मगर ये भी है कि जो लोग मोदीजी की कार्यप्रणाली और उनके जीवन को जानते, समझते हैं, वो सभी अंदर से आश्वस्त थे कि इसमें मोदीजी का नाम नहीं ही होगा।
लेकिन चारों तरफ माहौल ऐसा बनया जा रहा था कि बस मोदीजी गये। महाराष्ट के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीजरा चाव्हाण इस स्तर की बकवास करते कभी देखे नहीं गये। मैं संजय राउत की बात नहीं कर रहा। उनसे तो उम्मीद की जा सकती है। ये दोनों बल्लियों उछल रहे थे कि बस अब मजा आने वाला है।
पैट्रोल 500साईकिल से चलूंगा
पर वोट मोदी को दूंगा
पता नहीं क्या है इस शख्स में कि लोग दीवाने हैं इस नाम के ? एक अधेड़ से बात हुई तो बोला ‘अंधे हैं विरोधी, बेवकूफ हैं। इन लोगों को देश की भलाई नहीं सुहाती केवल अपना घर भरना होता है।
इन्हें ये नहीं दिखता कि जितना मोदी को कोसते हैं उतना ही अपना नुकसान करते हैं’।
इस बीच एक युवक से बात हुई। स्टाईलिश, रंगीन चश्मा, हवा में लहराते बाल। ड्रूं… ड्रूं… करती हैवी बाईक। बोला ‘बाॅस, पैट्रोल महंगा हो गया है। मगर मोदी की लोकप्रियता के सामने कोई मायने नहीं रखता। पैट्रोल और भी महंगा हो जाएगा…. 500 तक तो मैं चला लूंगा और दूसरे खर्चों में कटौती कर लूंगा…., यहां तक कि गर्लफ्रॅण्ड को भी कम घमाउंगा…. उससे महंगा होगा तो फिर…. ’
मैने पूछा-उससे महंगा होगा तो फिर… क्या करोगे ?
‘उससे महंगा होगा तो साईकिल चलाउंगा मगर फिर भी वोट मोदीजी को ही दूंगा। जो पूरे देश का रक्षक है जो सारे हिंदु धर्म और समाज का रक्षक है। उसे किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ूंगा’। ————————–
जवाहर नागदेव,
वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, चिन्तक, विश्लेषक
मोबा. 9522170700







