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4399 दिन… पीछे छूटे नेहरू, नरेंद्र मोदी बने भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री

Modi Surpass Nehru PM of India: भारतीय राजनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक और बड़ा रिकॉर्ड दर्ज हो गया है. लगातार तीसरी बार देश की सत्ता संभाल रहे नरेंद्र मोदी अब भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बन गए हैं. इस उपलब्धि के साथ उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है. प्रधानमंत्री मोदी का लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल अब 4,399 दिनों तक पहुंच चुका है, जबकि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में 4,398 दिनों तक देश का नेतृत्व किया था.

2014 में शुरू हुआ सफर

नरेंद्र मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को भारत के 14वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी. उस समय भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल किया था और मोदी देश के पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी नेता बने थे जिन्होंने अपने दम पर पूर्ण बहुमत वाली सरकार का नेतृत्व किया.

इसके बाद उन्होंने 2019 में दूसरी बार और 2024 में लगातार तीसरी बार लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज कर प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. लगातार तीन आम चुनाव जीतकर सत्ता में वापसी करना भी भारतीय राजनीति में बेहद दुर्लभ उपलब्धि माना जाता है.

टूटा जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड

पंडित जवाहरलाल नेहरू ने स्वतंत्र भारत में पहले आम चुनाव के बाद 13 मई 1952 को निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी. वह 27 मई 1964 तक इस पद पर बने रहे. इस दौरान उनका कुल कार्यकाल 4,398 दिनों का रहा.

अब नरेंद्र मोदी ने 4,399 दिनों का लगातार कार्यकाल पूरा कर इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है. वह देश के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने वाले नेता बन गए हैं. हालांकि, जवाहर लाल नेहरू 15 अगस्त 1947 को देश के पहले प्रधानमंत्री बने थे. लेकिन उस समय वह चुनकर नहीं आए थे. उन्हें सर्वसम्मति से इस पद पर नियुक्त किया गया था. अगर उनके 1947 से 1964 तक के कार्यकाल को जोड़ दें, तो यह 6 वर्ष और 286 दिन यानी 6,130 दिन होता है.

गुजरात से दिल्ली तक का सफर

नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफर राष्ट्रीय राजनीति में आने से पहले गुजरात से शुरू हुआ था. उन्होंने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी और 21 मई 2014 तक इस पद पर बने रहे.

करीब 13 साल से अधिक समय तक गुजरात का नेतृत्व करने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखा और प्रधानमंत्री बने. गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में भी उनका कार्यकाल राज्य के इतिहास में सबसे लंबा रहा है.

नागरकोल में जनसभा के दौरान पीएम मोदी. फोटो- एक्स.

25वें साल में पहुंचा नेतृत्व का सफर

प्रधानमंत्री पद के साथ-साथ मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी का कुल नेतृत्वकाल अब 8,931 दिनों तक पहुंच गया है. इसके साथ ही उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया है, जिन्होंने 8,930 दिनों तक सरकार का नेतृत्व किया था.

इस उपलब्धि के साथ मोदी अब भारत में किसी निर्वाचित सरकार के सबसे लंबे समय तक प्रमुख रहने वाले नेता बन गए हैं. उनका यह राजनीतिक सफर अब 25वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है.

कई रिकॉर्ड पहले भी बना चुके हैं मोदी

नरेंद्र मोदी के नाम पहले से ही कई महत्वपूर्ण राजनीतिक उपलब्धियां दर्ज हैं. वह भारत के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिनका जन्म देश की स्वतंत्रता के बाद हुआ. इसके अलावा वह पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने लगातार दो पूर्ण कार्यकाल पूरे किए और फिर तीसरे कार्यकाल के लिए भी सत्ता में वापसी की.

उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में लगातार जीत हासिल कर अपनी राजनीतिक पकड़ और जनसमर्थन को भी साबित किया है

बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान झालमुड़ी खाते पीएम मोदी. फोटो- एक्स.

सोशल मीडिया पर भी कायम है दबदबा

राजनीतिक रिकॉर्ड्स के अलावा प्रधानमंत्री मोदी डिजिटल दुनिया में भी लगातार नए मुकाम हासिल कर रहे हैं. इसी महीने उनके यूट्यूब चैनल ने 3 करोड़ सब्सक्राइबर्स का आंकड़ा पार किया है. इसके साथ ही वह दुनिया के मौजूदा और पूर्व राष्ट्राध्यक्षों तथा सरकार प्रमुखों में सबसे ज्यादा सब्सक्राइबर्स वाले नेताओं में शामिल हो गए हैं.

फरवरी 2025 में उन्होंने इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ फॉलोअर्स का आंकड़ा भी पार किया था. ऐसा करने वाले वह दुनिया के पहले कार्यरत राष्ट्र प्रमुख और राजनेता बने. फिलहाल इंस्टाग्राम पर उनके 10.1 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हैं. वहीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री मोदी के 10.64 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हैं.

पीएम मोदी के 12 साल: प्रमुख उपलब्धियां एक नजर में

आर्थिक और वैश्विक स्तर पर

  • भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना.
  • जीडीपी लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 4.18 ट्रिलियन डॉलर से अधिक हुई.
  • कारोबार को आसान बनाने और निवेश बढ़ाने पर जोर.
  • डिजिटल अर्थव्यवस्था और यूपीआई को वैश्विक पहचान मिली.

जनकल्याण और सामाजिक योजनाएं

  • प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 10 करोड़ से अधिक गैस कनेक्शन.
  • प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 58 करोड़ से ज्यादा बैंक खाते.
  • आयुष्मान भारत योजना के जरिए करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा.
  • प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाखों परिवारों को पक्के घर.
  • जल जीवन मिशन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नल से जल पहुंचाने का अभियान.
  • स्वच्छता अभियान के तहत देश भर में सफाई अभियान के साथ ओडीएफ का सफल प्रतिपादन.

राजनीतिक और संवैधानिक फैसले

  • जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया.
  • तीन तलाक कानून लागू किया गया.
  • नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) पारित किया गया.
  • नए संसद भवन का निर्माण और उद्घाटन.
  • सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया गया.

बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी

  • एक्सप्रेसवे, हाईवे और रेलवे नेटवर्क का तेजी से विस्तार.
  • वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत.
  • कई नए एयरपोर्ट और बंदरगाह परियोजनाएं शुरू हुईं.
  • गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान लागू किया गया.

रक्षा और सुरक्षा

  • रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर.
  • राफेल लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना में शामिल.
  • सीमा पर बुनियादी ढांचे को मजबूत किया गया.
  • आतंकवाद और आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर कई अहम कदम.

डिजिटल इंडिया और टेक्नोलॉजी

  • डिजिटल इंडिया अभियान को व्यापक स्तर पर बढ़ावा.
  • यूपीआई दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म में शामिल.
  • 5जी सेवाओं की शुरुआत और विस्तार.
  • सरकारी सेवाओं का तेजी से डिजिटलीकरण.
  • भारत दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम में शामिल हुआ.

वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका

  • जी-20 शिखर सम्मेलन की सफल मेजबानी.
  • इंटरनेशनल सोलर अलायंस को वैश्विक मंच मिला.
  • यूपीआई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार मिला.
  • ग्लोबल साउथ की आवाज के रूप में भारत की भूमिका मजबूत हुई.
  • भारत की कूटनीतिक पहुंच में विस्तार.
  • अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की सक्रिय भूमिका बढ़ी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 12 वर्षों का कार्यकाल उपलब्धियों, बड़े राजनीतिक फैसलों और कई रिकॉर्ड्स के लिए याद किया जाएगा. लगातार तीसरी बार केंद्र की सत्ता में वापसी और अब सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड उनके राजनीतिक सफर का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है.

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