
छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी नियद नेल्लानार योजना से जिला बीजापुर के पहुंचविहीन एवं दुर्गम गांवों में विकास की नई उम्मीद जगी है। योजना का प्रभाव यह है कि अब ग्रामीण बीहड़ क्षेत्रों से निकलकर शिविरों में पहुंचकर शासकीय योजनाओं की जानकारी और लाभ लेने के लिए आगे आ रहे हैं।
जिला कलेक्टर संबित मिश्रा के निर्देश पर तथा जिला पंचायत सीईओ नम्रता चौबे के मार्गदर्शन में बुधवार को डौडीतुमनार में प्रथम चरण का सेचुरेशन शिविर आयोजित किया गया। जनपद पंचायत सीईओ पीआर साहू के नेतृत्व में सभी विभागों के मैदानी अमले के साथ बीजापुर से आवापल्ली, बासागुड़ा और तर्रेम होते हुए गौटपल्ली कैम्प जिला सुकमा पहुंचकर शिविर का आयोजन किया गया।
सरपंच एवं सचिव की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण शिविर में उपस्थित हुए। विभिन्न विभागों के कर्मचारियों द्वारा अपने-अपने विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा योजनाओं का लाभ प्राप्त करने हेतु आवश्यक दस्तावेजों के बारे में ग्रामीणों को अवगत कराया गया।
योजनाओं की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों में लाभ लेने को लेकर उत्साह देखा गया। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि पहले चरण में सभी परिवारों का सर्वे कर यह चिन्हांकन किया जा रहा है कि किन लोगों के पास कौन-कौन से आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। सर्वे के दौरान ग्रामीणों को सही नाम बताने एवं उपलब्ध दस्तावेज प्रस्तुत करने की समझाइश दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि आगामी दिनों में शेष आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने तथा पुनः शिविर आयोजित करने की कार्यवाही की जाएगी ताकि सभी पात्र ग्रामीणों को योजनाओं का पूर्ण लाभ मिल सके।








