दिल्ली में 25 फरवरी को सीएजी रिपोर्ट,
मुख्यमंत्री ने कहा पाई-पाई का हिसाब होगा,
सस्ते में नहीं छूटेंगे केजरीवाल,
वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…
25 तारीख को सीएजी की रिपोर्ट आनी है जिसमें पिछली आप सरकार का कच्चा चिट्ठा नजर आएगा। जाहिर है इसमें केजरीवाल की करतूतों का खुलासा होगा। इसमें साफ होगा कि केजरीवाल सरकार ने किस मामले में कितना झूठ परोसा।
वैसे अरविंद केजरीवाल की शातिराना फितरत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अपने पास कभी कोई विभाग नहीं रखा।
सारे विभाग अपने साथी मंत्रियों के पास रखे ताकि ऐसा कोई आड़ा वक्त आने पर अपना पल्ला झाड़ सकें लेकिन वे ये भूल गये कि नैतिक रूप से अपने मंत्रिमण्डल के सभी कार्यों के लिये मुख्यमंत्री जवाबदार होता है।
और यहां पर तो शीशमहल बनवाने जैसे मामलों में वे सीधे ही जवाबदार हैं।
निश्चित रूप से इसका खामियाजा उन्हें भुगतना होगा। चुनाव में हारना इस नुकसान का एक उदाहरण है।
लेकिन ये तो शुरूआत है।अभी तो केजरीवाल को जनता के विश्वास को तोड़ने की सजा मिलना बाकी है।
चोर से चोरी की उम्मीद की जाती है और चोरी पकड़ाने पर चोरी की सजा दी जाती है, लेकिन साधु बनकर, सबको छलकर जब डाका डाला जाता है तो साधु की छवि खराब करने की और उस पर कायम विश्वास और आस्था को तोड़ने की सजा भी मिलती है।
अति आत्मविश्वास से गिरे औंधे मुंह
लंबी रेस का घोड़ा शरूआत में धीरे ही दौड़ता है, यदि शुरू में ही तेज दौड़ेगा तो जल्दी थक जाएगा। राजनीति हो या कुछ और यही नियम लागू होता है।
थोड़ी सी सफलता से मन बढ़ जाने से इंसान हवा में उड़ने लगता है और फिर एकाएक एक समय आता है जब वह औंधे मंुह जमीन पर गिर पड़ता है। जैसे केजरीवाल के साथ हुआ।
पहले तो उन्होंने अन्ना हजारे के साथ रहकर उनकी ही तरह व्यवहार करके संत होने का प्रदर्शन किया और बहुत ही कुटिल चालाकी के साथ सत्ता हथिया ली। सत्ता पाकर जल्दी ही संता चोला उतार फेंका और बिना किसी संकोच या शर्म के सारे निम्नस्तरीय राजनैतिक फार्मूले अपना लिये।
दरअसल अविश्वसनीय विशाल बहुमत देखकर वे अति आत्मविश्वास से भर गये। स्पष्ट शब्दों में कहा जाए तो बौखला गये।
25 फरवरी को जो खुलासे हांेगे वो सारे पहले से सार्वजनिक हो चुके हैं। अब तो तथ्य और आंकड़े सामने आने हैं।
जब सारी कारस्तानियां सामने हांेगी तो सरकार, प्रशासन, अदालत अपना काम करेगी और केजरीवाल और उनके साथियों पर शिकंजा कसेगा और कोई भी सस्ते में छूट पाएगा ऐसा नहीं लगता।
सिर्फ चुनाव हारकर जान छूटी ये सोचना गलत है। देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ हवा चल रही है और ये हवा इन लोगों को बहाकर सीधे जेल ले जाएगी—————————————————-
जवाहर नागदेव वरिष्ठ पत्रकार, चिंतक, विश्लेषक, मोबा. 9522170700
‘बिना छेड़छाड़ के लेख का प्रकाशन किया जा सकता है’———————————————-







