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28 जून को जिलेभर में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 1,205 बूथों पर 1 लाख 15 हजार 726 बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की दो बूंद कलेक्टर श्री व्यास ने सभी विभागों को समन्वय से अभियान सफल बनाने के दिए निर्देश

 

जशपुरनगर 25 जून 2026/ जिले में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान का आयोजन 28 जून 2026 को किया जाएगा। अभियान के तहत जन्म से 5 वर्ष तक के 1 लाख 15 हजार 726 बच्चों को पोलियो की जीवनरक्षक खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। तीन दिवसीय अभियान के प्रथम दिवस 28 जून को जिले के सभी पोलियो बूथों पर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी, जबकि 29 एवं 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की खुराक देंगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए जिलेभर में 1,205 पोलियो बूथ बनाए गए हैं। इन बूथों पर स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिनों सहित कुल 4,464 कर्मी सेवाएं देंगे, जबकि 224 सुपरवाइजर अभियान की सतत निगरानी करेंगे। बस स्टैंड, ट्रांजिट प्वाइंट, मेला-हाट, ईंट-भट्ठों, निर्माणाधीन स्थलों एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में बच्चों तक पहुंचने के लिए विशेष मोबाइल टीमों का भी गठन किया गया है।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि जिले में विकासखंडवार लक्षित बच्चों की संख्या इस प्रकार हैकृ पत्थलगांव 26,089, फरसाबहार 14,673, कांसाबेल 10,273, बगीचा 23,446, कुनकुरी 12,984, दुलदुला 6,926, मनोरा 8,285 तथा जशपुर 13,049। इसी प्रकार विकासखंडवार पोलियो बूथों की संख्या क्रमशः पत्थलगांव में 192, फरसाबहार में 147, कांसाबेल में 84, बगीचा में 219, कुनकुरी में 152, दुलदुला में 92, मनोरा में 146 तथा जशपुर में 173 निर्धारित की गई है।
कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए पंचायत, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, परिवहन तथा अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए है। उन्होंने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जिले का कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि 28 जून 2026 को अपने 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ पर अवश्य ले जाकर पोलियो की दो बूंद पिलाएं और अपने बच्चों के स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य में सहभागी बनें। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि 27 मार्च 2014 को भारत को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा पोलियो मुक्त देश का प्रमाणपत्र प्रदान किया गया था। देश पिछले 14 वर्षों से अधिक समय से पोलियो मुक्त है, लेकिन विश्व के कुछ देशों में अभी भी पोलियो वायरस का संक्रमण मौजूद है। ऐसे में भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखने के लिए प्रत्येक बच्चे को पोलियो की खुराक पिलाना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान संचालित किया जाता है।

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