
धमतरी, 9 फरवरी 2026। जिले में बाल मधुमेह (टाइप-1 डायबिटीज़) से पीड़ित बच्चों में समय रहते पहचान, उचित उपचार एवं बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में जिले के ANM एवं मितानिन प्रशिक्षकों का एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों की तकनीकी क्षमता को सुदृढ़ कर उन्हें अपने-अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने हेतु सक्षम बनाना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान टाइप-1 डायबिटीज़ की प्रारंभिक पहचान, उपचार एवं दीर्घकालीन प्रबंधन, काउंसलिंग की भूमिका, रोगी सहायता समूह, समुदाय आधारित जागरूकता, मानसिक स्वास्थ्य तथा पारिवारिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। समूह गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा विषय से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सार्थक चर्चा की।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह पहल बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय और प्रेरणादायक कदम है, जिससे बाल मधुमेह से पीड़ित बच्चों को समय पर उचित देखभाल एवं मार्गदर्शन मिल सकेगा।
यूनिसेफ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में यूनिसेफ टीम द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के सभी संबंधित अधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की शत-प्रतिशत सहभागिता रही, जो भविष्य में रोगियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. जे.पी. दीवान, श्रीमती प्रिया कंवर (जिला कार्यक्रम प्रबंधक), श्री रोहित पांडे (ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक) एवं श्री पुष्पेंद्र कुमार साहू (ब्लॉक डेटा प्रबंधक) का विशेष सहयोग रहा। इस एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला में कुल 65 प्रतिभागियों ने भाग लिया। उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम का द्वितीय चरण हाल ही में धमतरी जिले में आयोजित किया गया था।








