
छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सुचारू और पारदर्शी रूप से संचालित हो रही है। जिला प्रशासन के प्रभावी प्रबंधन और सतत निगरानी के चलते अब तक 30,00,968.8 क्विंटल धान का उपार्जन किया जा चुका है।
समयबद्ध भुगतान से किसानों में उत्साह
जिले में पंजीकृत 60,832 किसानों में से अब तक 49,423 किसान अपना धान बेच चुके हैं। शासन की द्वारा धान उपार्जन के भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और तीव्र रखा गया है। उपार्जित धान के एवज में अब तक 595.34 करोड़ की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से अंतरित की जा चुकी है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार हो रहा है।
उठाव और रकबा समर्पण में सक्रियता
कलेक्टर के निर्देशन में समितियों से धान के उठाव की प्रक्रिया भी निरंतर जारी है। अब तक 11,02,830 क्विंटल धान का उठाव पूर्ण कर लिया गया है। व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने में किसानों का भी अभूतपूर्व सहयोग मिल रहा है, जिले के 22,170 किसानों ने स्वेच्छा से अपना 2,701.96 हेक्टेयर रकबा समर्पित किया है।
अवैध धान पर प्रशासन की कार्रवाई
धान खरीदी की शुचिता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा बिचौलियों और अवैध परिवहनकर्ताओं पर कड़ी कार्यवाही की जा रही है। जाँच दलों द्वारा अब तक 73 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनका शत-प्रतिशत निराकरण कर लिया गया है। कुल 11,684 बोरी धान (4,713 क्विंटल) धान जब्त किया गया है। जिसका अनुमानित मूल्य 1.16 करोड़ से अधिक है। इन सभी प्रकरणों में मंडी शुल्क और अन्य विधिक देय प्रभारों की वसूली कर शासन के राजस्व को सुरक्षित किया गया है।
पारदर्शिता और सुविधा पर जोर
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपार्जन केंद्रों में किसानों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक पात्र किसान का धान बिना किसी असुविधा के निर्धारित मापदंडों के अनुसार क्रय किया जाए। जिले में धान खरीदी की यह प्रक्रिया आगामी निर्धारित तिथि तक इसी उत्साह और कड़ाई के साथ जारी रहेगी।








