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प्राकृतिक जोखिमों के बीच किसानों का भरोसेमंद साथी बना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

*चालू खरीफ सीजन में 31 जुलाई तक करा सकते हैं पंजीयन*

 

रायपुर. 15 जुलाई 2026. खेती हमेशा से मौसम की अनिश्चितताओं पर निर्भर रही है। कभी सूखा, कभी अतिवृष्टि, तो कभी कीट एवं रोग किसानों की मेहनत पर पानी फेर देते हैं। ऐसे समय में किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने वाली प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच बनकर सामने आई है। इस योजना से हजारों किसानों को राहत मिली है और खेती के प्रति उनका विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।

 

खरीफ-2025 सीजन में कोरबा जिले के 1479 किसानों को 5 करोड़ 25 लाख 84 हजार 259 रुपये की बीमा दावा राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई। इस सहायता से प्रभावित किसान परिवारों को आर्थिक संबल मिला तथा प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई में बड़ी राहत प्राप्त हुई।

 

अभी खरीफ-2026 सीजन के लिए कोरबा जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत पंजीयन अभियान तेज गति से चल रहा है। कृषि विभाग ने सभी पात्र किसानों से 31 जुलाई 2026 तक अपनी खरीफ फसलों का बीमा कराने की अपील की है। मौसम विभाग द्वारा इस वर्ष अल नीनो के आंशिक प्रभाव के कारण अनियमित मानसून एवं खंड वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है। ऐसे में समय पर फसल बीमा कराना किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम बन सकता है।

 

कोरबा जिले की कृषि परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए योजना में धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, कोदो, कुटकी, रागी, अरहर, उड़द, मूंग एवं मूंगफली जैसी प्रमुख खरीफ फसलों को शामिल किया गया है। किसान अपने गांव की अधिसूचित फसलों की जानकारी संबंधित ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से प्राप्त कर सकते हैं।

 

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना केवल फसल नष्ट होने पर ही नहीं, बल्कि बाधित बोनी, स्थानीय प्राकृतिक आपदाओं तथा कटाई के बाद 14 दिनों तक होने वाले नुकसान पर भी सुरक्षा प्रदान करती है। सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली, कीट एवं रोग जैसी परिस्थितियों में होने वाले नुकसान की भरपाई भी इस योजना के माध्यम से की जाती है।

 

कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि प्राकृतिक आपदा या जलभराव से फसल प्रभावित होने पर 72 घंटे के भीतर इसकी सूचना देना आवश्यक है। किसान टोल-फ्री हेल्पलाइन 14447 या 1800-419-0344 पर जानकारी दे सकते हैं। इसके अलावा कृषि विभाग, पटवारी, संबंधित बैंक या बीमा कंपनी को सूचना देकर समय पर सर्वे एवं दावा प्रक्रिया सुनिश्चित कराई जा सकती है।

किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) धारक ऋणी किसानों का बीमा संबंधित बैंक द्वारा स्वतः किया जाता है, जबकि अऋणी किसान निकटतम बैंक, सीएससी/चॉइस सेंटर, अधिकृत बीमा एजेंट या राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, बी-1, खसरा, पंचशाला एवं बुवाई प्रमाण पत्र आवश्यक हैं।

 

कोरबा जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना समय रहते अपनी खरीफ फसलों का बीमा अवश्य कराएं। प्राकृतिक जोखिमों के इस दौर में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना न केवल किसानों की फसल की सुरक्षा कर रही है, बल्कि उनकी आय को स्थिर रखने, कृषि को अधिक सुरक्षित बनाने और आत्मनिर्भर किसान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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