Tuesday, May 21

प्रधानमंत्री 13 मार्च को ‘इंडियाज टेकेड: चिप्स फॉर विकसित भारत’ में सम्मिलित होंगे और लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये की तीन सेमीकंडक्टर सुविधाओं का शिलान्यास करेंगे

इस अवसर पर प्रधानमंत्री देशभर के युवाओं को संबोधित करेंगे

इन तीन सुविधाओं की स्थापना से सेमीकंडक्टर इको-सिस्टम सुदृढ़ होगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे

New Delhi (IMNB). प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 13 मार्च, 2024 को सुबह 10:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘इंडियाज टेकेड: चिप्स फॉर विकसित भारत’ में सम्मिलित होंगे और लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये की तीन सेमीकंडक्टर परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री देशभर के युवाओं को भी संबोधित करेंगे।

प्रधानमंत्री की परिकल्पना भारत को सेमीकंडक्टर की डिजाइन, विनिर्माण और प्रौद्योगिकी विकास के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है, ताकि देश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिले। इस परिकल्पना के अनुरूप, धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (डीएसआईआर), गुजरात में सेमीकंडक्टर फेब्रीकेशन सुविधा निर्माण; मोरीगांव, असम में आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (ओएसएटी) सुविधा; और साणंद, गुजरात में आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (ओएसएटी) सुविधा के लिए आधारशिला रखी जा रही है।

भारत में सेमीकंडक्टर फैब्स की स्थापना के लिए संशोधित योजना के तहत धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (डीएसआईआर) में सेमीकंडक्टर फेब्रीकेशन सुविधा, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (टीईपीएल) द्वारा स्थापित की जाएगी। कुल 91,000 करोड़ रुपये के निबेश के साथ यह देश का पहला वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर फैब होगा।

असम के मोरीगांव में आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (ओएसएटी) सुविधा टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (टीईपीएल) द्वारा सेमीकंडक्टर असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (एटीएमपी) के लिए संशोधित योजना के तहत स्थापित की जाएगी। इसका कुल निवेश लगभग 27,000 करोड़ रुपए है।

साणंद में आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (ओएसएटी) सुविधा, सेमीकंडक्टर असेंबली, परीक्षण, मार्किंग और पैकेजिंग (एटीएमपी) के लिए संशोधित योजना के तहत सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड द्वारा स्थापित की जाएगी। इसका कुल निवेश लगभग 7,500 करोड़ रुपये होगा।

इन सुविधाओं के जरिए सेमीकंडक्टर इको-सिस्टम दृढ़ होगा और भारत में इसकी जड़ें मजबूत हो जाएंगी। ये इकाइयां सेमीकंडक्टर उद्योग में हजारों युवाओं को रोजगार प्रदान करेंगी और साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स, दूरसंचार आदि जैसे संबंधित क्षेत्रों में रोजगार सृजन को बढ़ावा देंगी।

कार्यक्रम में सेमीकंडक्टर उद्योग के दिग्गजों के साथ-साथ कॉलेजों के हजारों छात्रों सहित युवाओं की भारी भागीदारी होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *