Ro no D15139/23

‘ऑन्कोस्फीयर 2.0’ में रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का अनावरण   मध्य भारत में उन्नत कैंसर उपचार सुविधाओं को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

 
  • अग्रणी कैंसर विशेषज्ञों की टीम के साथ ऑन्कोलॉजी सेवाएं पहले से संचालित
  • रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट अगस्त 2026 से होगा शुरू, मध्य भारत में उन्नत कैंसर उपचार की पहुंच बढ़ेगी
  • संस्थान में स्थापित होगी Versa HD™ तकनीक, जो दुनिया के सबसे उन्नत रेडिएशन थेरेपी प्लेटफॉर्म्स में से एक है
 
रायपुर, 13 जून 2026। रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स ने अपने प्रमुख राष्ट्रीय ऑन्कोलॉजी सम्मेलन ‘ऑन्कोस्फीयर 2.0’ के उद्घाटन समारोह के दौरान आगामी रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का अनावरण किया। दो दिवसीय इस सम्मेलन में देशभर से 600 से अधिक ऑन्कोलॉजिस्ट, कैंसर विशेषज्ञ, शोधकर्ता और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े पेशेवर शामिल हुए।
यह अनावरण छत्तीसगढ़ और मध्य भारत में कैंसर उपचार सुविधाओं को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अस्पताल की ऑन्कोलॉजी सेवाएं पहले से ही अनुभवी विशेषज्ञों की बहु-विषयक टीम के साथ संचालित हो रही हैं। वहीं, समर्पित रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट अगस्त 2026 से शुरू होने जा रहा है, जिससे मरीजों को अत्याधुनिक कैंसर उपचार, आधुनिक तकनीक और व्यापक सेवाएं अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकेंगी।
कैंसर इंस्टीट्यूट का अनावरण छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया। इस अवसर पर डॉ. संदीप दवे, मैनेजिंग एवं क्लिनिकल डायरेक्टर, रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स; श्री हरेश त्रिवेदी, रीजनल सीईओ – वेस्ट एवं सेंट्रल इंडिया, केयर हॉस्पिटल्स; डॉ. रवि जायसवाल, वरिष्ठ मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट; डॉ. मौ रॉय, वरिष्ठ सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट; डॉ. नवीन जैन, वरिष्ठ सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट; डॉ. गौरव गुप्ता, वरिष्ठ रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट; डॉ. नीरूई केरकेट्टा, वरिष्ठ सलाहकार – न्यूक्लियर मेडिसिन सहित देशभर के प्रतिष्ठित ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञ मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ और मध्य भारत में कैंसर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्नत जांच, रेडिएशन थेरेपी और विशेष कैंसर उपचार के लिए आज भी बड़ी संख्या में मरीजों को महानगरों का रुख करना पड़ता है। आगामी रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का उद्देश्य अत्याधुनिक कैंसर उपचार सुविधाएं और विशेषज्ञता क्षेत्रीय स्तर पर उपलब्ध कराकर इस आवश्यकता को पूरा करना है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा, “कैंसर मरीजों के बेहतर उपचार परिणाम सुनिश्चित करने के लिए उन्नत कैंसर सेवाओं तक पहुंच बढ़ाना बेहद आवश्यक है। रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का अनावरण क्षेत्र में कैंसर उपचार अधोसंरचना को मजबूत करने और विशेषज्ञ सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
 
डॉ. संदीप दवे, मैनेजिंग एवं क्लिनिकल डायरेक्टर, रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स ने कहा, “पिछले तीन दशकों से रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स छत्तीसगढ़ और मध्य भारत में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। क्षेत्र में बढ़ते कैंसर बोझ को देखते हुए व्यापक, तकनीक-संचालित और बहु-विषयक कैंसर उपचार सेवाओं का विस्तार आवश्यक हो गया है। हमारी ऑन्कोलॉजी सेवाएं पहले से संचालित हैं और अगस्त में रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट की शुरुआत हमारी इस यात्रा का अगला महत्वपूर्ण चरण होगा। हमारा लक्ष्य रायपुर को मध्य भारत में उन्नत कैंसर उपचार का प्रमुख केंद्र बनाना है, ताकि मरीजों को विशेष उपचार के लिए अन्य शहरों में न जाना पड़े।”
 
श्री हरेश त्रिवेदी, रीजनल सीईओ – वेस्ट एवं सेंट्रल इंडिया, केयर हॉस्पिटल्स ने कहा, “रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट मध्य भारत में उन्नत कैंसर उपचार सेवाओं के विस्तार और ऑन्कोलॉजी क्षमताओं को मजबूत करने की हमारी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह संस्थान रायपुर को विशेष कैंसर उपचार के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
अगस्त 2026 से शुरू होने वाला रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट मेडिकल ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, न्यूक्लियर मेडिसिन और सपोर्टिव केयर सेवाओं को एकीकृत मॉडल के तहत उपलब्ध कराएगा।
संस्थान में अत्याधुनिक ऑन्कोलॉजी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। इसके अलावा यहां Versa HD™ रेडिएशन लिनैक स्थापित किया जाएगा, जिसे दुनिया के सबसे उन्नत रेडिएशन थेरेपी प्लेटफॉर्म्स में से एक माना जाता है। यह तकनीक कैंसर उपचार को अधिक सटीक, व्यक्तिगत और प्रभावी बनाने में मदद करेगी।
यह संस्थान छत्तीसगढ़ के साथ-साथ मध्य प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र, झारखंड और मध्य भारत के अन्य क्षेत्रों के मरीजों को भी लाभ पहुंचाएगा, जिससे उन्हें उन्नत कैंसर उपचार के लिए दूर-दराज के शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
‘ऑन्कोस्फीयर 2.0’ के पहले दिन प्रिसिजन मेडिसिन, इम्यूनोथेरेपी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर, स्तन कैंसर, स्त्री रोग संबंधी कैंसर, यूरो-ऑन्कोलॉजी और कैंसर उपचार में उभरती नई तकनीकों पर वैज्ञानिक सत्र, विशेषज्ञ व्याख्यान, पैनल चर्चाएं और बहु-विषयक विचार-विमर्श आयोजित किए गए।
यह सम्मेलन 14 जून को भी जारी रहेगा, जिसमें ऑन्कोलॉजी क्षेत्र में उभरते रुझानों और नवाचारों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत चर्चा की जाएगी।
  • Related Posts

    किसानों ने अपनाया लाभकारी फसलों का विकल्प हो रहा है, किसानों की आमदनी में इजाफा

      रायपुर, 18 जुलाई 2026/ राज्य के किसान लाभकारी फसलों की तरफ बढ़ रहे है जिससे उनकी आमदनी में इजाफा हो रहा है, महासमुंद जिले में खरीफ मौसम के दौरान…

    Read more

    जल जीवन मिशन को मिल रही नई गति, प्रदेशभर में जल गुणवत्ता परीक्षण अभियान तेज

      जिलों में जल बहनों को एफटीके प्रशिक्षण, सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने पर जोर रायपुर, 18 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित एवं…

    Read more

    NATIONAL

    बेलगावी, कर्नाटक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक

    बेलगावी, कर्नाटक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक

    भारत पर 100% टैरिफ लगाने की तैयारी में अमेरिका, लिंडसे ग्राहम ने दिया था 500 प्रतिशत का प्रस्ताव

    भारत पर 100% टैरिफ लगाने की तैयारी में अमेरिका, लिंडसे ग्राहम ने दिया था 500 प्रतिशत का प्रस्ताव

    पोलैंड के मंत्री का दावा : पीएम मोदी ने यूक्रेन में परमाणु हमले को रोका, पुतिन ने मानी भारत की बात

    पोलैंड के मंत्री का दावा : पीएम मोदी ने यूक्रेन में परमाणु हमले को रोका, पुतिन ने मानी भारत की बात

    धार्मिक नगरी वृंदावन की बदलेगी तस्वीर, सीवर समस्या दूर करने के लिए खर्च होंगे 240 करोड़

    धार्मिक नगरी वृंदावन की बदलेगी तस्वीर, सीवर समस्या दूर करने के लिए खर्च होंगे 240 करोड़

    (अंतर्राष्ट्रीय विश्लेषण) युद्धविराम का मिथक और वैश्विक शांति का संकट। विश्व ऊर्जा संकट और आर्थिक अस्थिरता का दौर।

    (अंतर्राष्ट्रीय विश्लेषण) युद्धविराम का मिथक और वैश्विक शांति का संकट। विश्व ऊर्जा संकट और आर्थिक अस्थिरता का दौर।

    विधानसभा मे पद्मविभूषण तीजन बाई को दी गई श्रद्धांजलि, उनके नाम से दिया जायगा राज्य अलंकरण

    विधानसभा मे पद्मविभूषण तीजन बाई को दी गई श्रद्धांजलि, उनके नाम से दिया जायगा राज्य अलंकरण