
जिले के धान उपार्जन केन्द्रों में लागू की गई पारदर्शी एवं डिजिटल व्यवस्था से किसानों को धान विक्रय में बड़ी सहूलियत मिल रही है। अब किसान मोबाइल के माध्यम से ‘किसान तुहंर टोकन’ ऐप का उपयोग कर घर बैठे टोकन काट रहे हैं और बिना भीड़ के आसानी से धान विक्रय कर पा रहे हैं।
अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत झिंदकालो के कृषक श्री अशोक कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने मोबाइल फोन से ‘किसान तुहंर टोकन’ ऐप का उपयोग कर 94.80 क्विंटल धान का दूसरा टोकन घर बैठे काटा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के उपयोग से किसान अब स्मार्ट बन रहे हैं। मोबाइल से टोकन काटना बेहद सरल है, जिससे धान उपार्जन केन्द्र आने की आवश्यकता नहीं पड़ी और भीड़ से भी बचाव हुआ है।
श्री अशोक कुमार सिंह ने बताया कि दरिमा धान उपार्जन केन्द्र पहुंचते ही नमी परीक्षण के उपरांत हमालों द्वारा धान की तौल प्रक्रिया पूरी की गई। तुहंर टोकन ऐप के उपयोग से समय और श्रम दोनों की बचत हुई है। उन्होंने बताया कि वे दरिमा उपार्जन केन्द्र में कुल लगभग 220 क्विंटल धान का विक्रय करते हैं, जहां धान तौल की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी ढंग से की जा रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि धान उपार्जन केन्द्रों में माइक्रो एटीएम की सुविधा उपलब्ध होने से किसानों को बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ती। आवश्यकता अनुसार राशि धान उपार्जन केन्द्र से ही निकाली जा सकती है। उन्होंने बताया कि उन्हें दो हजार रुपये की जरूरत थी, जिसे उन्होंने माइक्रो एटीएम के माध्यम से समिति से निकाला।
श्री अशोक सिंह ने धान खरीदी व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के शासन में 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी होने से किसानों को बड़ा आर्थिक लाभ मिल रहा है। इससे किसान सशक्त और समृद्ध बन रहे हैं तथा खेती-किसानी के विस्तार में मदद मिल रही है। उन्होंने सुचारु धान खरीदी व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
जिला प्रशासन द्वारा जिले के धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों के हित एवं सुविधाओं को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे धान विक्रय की प्रक्रिया सरल, सुगम एवं भरोसेमंद बन रही है।









