
खेल डेस्क । भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेले गए तीसरे वनडे में चोटिल हुए श्रेयस अय्यर की सेहत को लेकर भारतीय टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपडेट दिया है. सूर्यकुमार ने बताया कि वे श्रेयस की हालत अब स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं.
मंगलवार को प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूर्यकुमार ने अय्यर की ताजा हेल्थ अपडेट साझा करते हुए बताया कि उन्हें सिडनी के एक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया था.
श्रेयस एलेक्स कैरी का कैच पकड़ते वक्त श्रेयस अय्यर बुरी तरह गिर पड़े और उनकी पसलियों में गंभीर चोट लग गई. बैकवर्ड पॉइंट पर उन्होंने शानदार कैच तो पकड़ लिया, लेकिन इसके बाद उठ नहीं पाए. भारतीय टीम के मेडिकल स्टाफ तुरंत मैदान पर पहुंचा और अय्यर को स्ट्रेचर पर बाहर ले जाया गया. बाद में पता चला कि गिरने के दौरान उनके प्लीहा (spleen) में गहरी चोट आई है, जिसके चलते उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया.
आईसीयू में एडमिट हैं श्रेयस अय्यर
जब सूर्यकुमार यादव से श्रेयस अय्यर की सेहत को लेकर ताजा जानकारी पूछी गई, तो कप्तान ने बताया कि अय्यर अब स्थिर हैं और उनके भेजे गए मैसेज का जवाब भी दे रहे हैं. सूर्यकुमार ने कहा कि अय्यर को कुछ और दिनों तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा, लेकिन फिलहाल वे खतरे से बाहर हैं.
अय्यर की चोट कितनी गंभीर है?
अय्यर की चोट को शुरू में मामूली समझा गया था, लेकिन प्लीहा में आई यह चोट गंभीर मानी जाती है क्योंकि इससे आंतरिक रक्तस्राव (internal bleeding) का खतरा रहता है. हालांकि, फिलहाल वे खतरे से बाहर हैं और उनकी हालत स्थिर है. डॉक्टरों ने उन्हें अगले कुछ दिनों तक आईसीयू में निगरानी में रखने की सलाह दी है, ताकि पूरी तरह से स्थिति नियंत्रित रहे.
बीसीसीआई के मुताबिक, चोट के नेचर को देखते हुए यह फैसला एहतियात के तौर पर लिया गया, क्योंकि प्लीहा से जुड़ी चोटों में शुरुआती 24-48 घंटे बेहद अहम होते हैं. इस दौरान डॉक्टर लगातार स्कैन और टेस्ट के जरिए यह सुनिश्चित करते हैं कि शरीर में कोई नई ब्लीडिंग न हो. अगर हालत स्थिर रहती है, तो मरीज को धीरे-धीरे सामान्य गतिविधियां करने की अनुमति दी जाती है. आमतौर पर ऐसे मामलों में मरीज को करीब एक हफ्ते तक अस्पताल में निगरानी में रखा जाता है, उसके बाद छुट्टी दी जाती है, लेकिन पूरी तरह सामान्य होने में कुछ महीने लगते हैं.









