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अमेरिका में शटडाउन काल शुरू… ट्रंप की कोशिशें फेल, बिना सैलरी छुट्टी पर भेजे जाएंगे साढ़े 7 लाख कर्मचारी 

नई दिल्ली । अमेरिका में एक बड़ा संकट पैदा हो गया है. अमेरिकी समय के मुताबिक आधी रात से शटडाउन लागू हो गया. इसकी वजह है कि सीनेट में न तो रिपब्लिकन और न ही डेमोक्रेट्स का फंडिंग बिल पास हो सका. सरकारी खर्चे के लिए जरूरी पैसा मंजूर नहीं हो पाया है. रिपब्लिकन बहुमत वाले सीनेट ने डेमोक्रेट्स का हेल्थकेयर लाभ और घरेलू योजनाओं वाला बिल खारिज कर दिया, जबकि डेमोक्रेट्स ने रिपब्लिकन का शॉर्ट-टर्म फंडिंग प्लान रोक दिया. इस टकराव के बाद सरकार को आधिकारिक तौर पर बंद करना पड़ा. ट्रंप के दोनों कार्यकाल को मिलाकर यह तीसरी बार है जब शटडाउन हुआ.

ट्रंप कार्यकाल में पहले भी हुआ शटडाउन

ट्रंप के पहले कार्यकाल में सबसे पहला शटडाउन 22 दिसंबर 2018 से 25 जनवरी 2019 तक हुआ. 35 दिनों तक शटडाउन चला और यह अब तक का सबसे लंबा शटडाउन था. इसका मुख्य कारण था मैक्सिको बॉर्डर की दीवार के लिए फंडिंग पर विवाद. ट्रंप ने अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने के लिए कांग्रेस से 5.7 बिलियन डॉलर की मांग की थी, लेकिन डेमोक्रेट्स ने इसे मंजूरी नहीं दी, जिसके कारण शटडाउन हुआ. वहीं दूसरा शटडाउन 14 फरवरी 2019 को लगा जो लगभग 3 दिन चला. यह शटडाउन तब हुआ जब ट्रंप और कांग्रेस ने आपातकालीन स्थिति घोषित करने के बाद समझौता किया, जिससे सरकारी कामकाजी बंदी को टाला जा सका.

दोनों दल एक-दूसरे पर भड़के

शटडाउन के बाद सीनेट रिपब्लिकन लीडर जॉन थ्यून ने कहा- ‘डेमोक्रेट्स ने अपनी राजनीतिक जिद के लिए अमेरिकी जनता की कुर्बानी दी है.’ वहीं, डेमोक्रेटिक लीडर चक शूमर ने पलटवार करते हुए कहा- ‘रिपब्लिकन बातचीत से इनकार कर अमेरिका को शटडाउन में धकेल रहे हैं और हेल्थकेयर को खतरे में डाल रहे हैं.’

शटडाउन का मतलब क्या है?

जब अमेरिकी संसद (कांग्रेस) सरकारी खर्च के लिए बजट या फंडिंग बिल पास नहीं कर पाती, तो कई सरकारी विभागों में कामकाज बंद हो जाता है. हजारों फेडरल कर्मचारी छुट्टी पर भेज दिए जाते हैं (बिना वेतन), और कई सेवाएं प्रभावित होती हैं. देश की सुरक्षा और लोगों की जान बचाने से जुड़े कामकाज चलते रहते हैं. जैसे- सेना, एयर ट्रैफिक कंट्रोल, सीमा सुरक्षा, पेंशन पेमेंट. लेकिन इन कामों में लगे कई कर्मचारियों को बिना सैलरी के काम करना पड़ सकता है. बाकी सभी काम जो बहुत जरूरी नहीं होते वे रुक जाते हैं. कई सरकारी दफ्तर, जैसे नेशनल पार्क और कुछ म्यूजियम शटडाउन के तहत बंद हो जाते हैं. पासपोर्ट और वीजा से जुड़े कई सरकारी काम या तो रुक जाते हैं या उनकी प्रोसेसिंग धीमी हो जाती है. लाखों सरकारी कर्मचारियों को बिना सैलरी छुट्टी पर भेज दिया जाएगा.

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