
छत्तीसगढ़ नक्सलवाद पुनर्वास नीति के तहत गंभीर रूप से घायल और क्षतिग्रस्त लोगों को मिला आर्थिक सहारा
रायपुर, 23 जुलाई 2026/ नक्सलवाद पुनर्वास नीति का मुख्य उद्देश्य हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने वाले नक्सलियों को समाज में पुनः स्थापित करना और उन्हें शांतिपूर्ण जीवन जीने के अवसर प्रदान करना है। इस नीति में वित्तीय सहायता, रोजगार, शिक्षा और सुरक्षा के ठोस प्रावधान हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों के बच्चों को 18 साल तक मुफ्त शिक्षा और छात्रावास की सुविधा मिलती है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास भी प्रदान किया जाता है। नीति के प्रावधानों के तहत नक्सली हिंसा से प्रभावित 6 आम नागरिकों को कुल 27 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
नक्सली हिंसा से प्रभावित आम नागरिकों को राहत और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य शासन द्वारा संचालित छत्तीसगढ़ नक्सलवाद पुनर्वास नीति के तहत बीजापुर जिले में महत्वपूर्ण पहल की गई है। नक्सली हिंसा के कारण स्थायी रूप से असमर्थ हुए, गंभीर रूप से घायल तथा आंशिक या पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त आम नागरिकों को शासन की नीति के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
*हिंसा से प्रभावित परिवारों को शासन का सहारा*
नक्सली हिंसा से प्रभावित नागरिकों और उनके परिवारों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में शासन की पुनर्वास नीति उनके लिए आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार बन रही है। इस नीति के माध्यम से हिंसा में प्रभावित नागरिकों को नियमानुसार सहायता प्रदान कर उनके जीवन को फिर से सामान्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है। स्वीकृत सहायता राशि से प्रभावित नागरिकों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी। यह सहायता उनके उपचार, पुनर्वास और दैनिक जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करने में उपयोगी साबित होगी।
*पुनर्वास नीति का उद्देश्य प्रभावित लोगों को सम्मानजनक जीवन देना*
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और उनके सशक्त नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन की नक्सलवाद पुनर्वास नीति का उद्देश्य नक्सली हिंसा से प्रभावित नागरिकों, उनके परिवारों और समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले लोगों को सुरक्षा, सहायता और सम्मानजनक जीवन का अवसर उपलब्ध कराना है। नीति के तहत नक्सली हिंसा में आम नागरिकों की मृत्यु, गंभीर चोट, स्थायी असमर्थता अथवा संपत्ति को हुए नुकसान की स्थिति में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार सहायता प्रदान की जाती है। बीजापुर जिले में 6 प्रभावित नागरिकों को 27 लाख रुपये की सहायता राशि की स्वीकृति इसी मानवीय और जनकल्याणकारी नीति का हिस्सा है।
*शासन की संवेदनशील पहल से मजबूत हो रहा विश्वास*
बीजापुर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। आर्थिक सहायता की यह पहल नक्सली हिंसा से प्रभावित नागरिकों के प्रति शासन की संवेदनशीलता को दर्शाती है। शासन का प्रयास है कि हिंसा से प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता मिले और वे कठिन परिस्थितियों से उबरकर सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर जीवन की ओर आगे बढ़ सकें। पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रभावित नागरिकों में शासन के प्रति विश्वास मजबूत हो रहा है और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा तथा विकास की दिशा में सकारात्मक वातावरण तैयार हो रहा है।






