Ro no D15139/23

प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से कमारों के जीवन में आयी स्थिरता

*समारू राम को मौसम दर मौसम होने वाली समस्या से मिली आजादी*

धमतरी 09 जून 2025/प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना का असर अब जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति कमार परिवारों के जीवन में दिखायी देने लगा है। अपनी अलग संस्कृति को सहेजते हुए अपनी मस्ती में अपना जीवन यापन करने वाले वाली यह विशेष पिछड़ी जनजाति जो कच्चे झोपड़ी नुमा मकानों में रहकर अपना जीवन यापन करते थे अब उनके जीवन में स्थिरता आने लगी है और ये स्थिरता प्रदान की है, प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना ने।
धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड के ग्राम सिंगपुर निवासी श्री समारू के जीवन म अब बदलाव साफ देखने को मिल रहा है। क्योंकि समारू राम को अब प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत् आवास योजना के साथ- साथ अन्य योजनाओं का भी लाभ प्रदान किया जा रहा है।
श्री समारूराम ने बताया कि वे बचपन से इसी गांव में निवासरत है। इनके पास स्वयं की संपत्ति के रूप में जो कुछ था, तो वह था पुस्तैरी जर्जर कच्चा मकान। जैसा कि हर व्यक्ति की चाह होती है कि उसका अपना खुद का आशियाना बनाने, यह सपना पूरा हुआ प्रधानमंत्री जनमन योजना से। समारूराम ने अपने पक्के मकान के लिए आवेदन दिया, ग्राम सभा के अनुमोदन उपरांत श्री समारू का नाम आवास हेतु चयनित हुआ। योजनांतर्गत उसके बैंक खाते में पहली किस्त आते ही श्री समारू ने मकान निर्माण की नींव रखी और शासन के सहयोग और अपने जीवन की जमा पूंजी भी श्री समारूराम ने इस मकान को बनाने में लगा दिया और देखते ही देखते सुंदर आवास का रूप में सकार हुआ।
श्री समारू का कहना है कि शासन के सहयोग से बना यह आवास उसके न केवल सपने को पूरा किया बल्कि मौसम दर मौसम होने वाली समस्या से भी आजादी दिलाई। श्री समारू की खुशियां इन बातो से सामने आती है कि उसके सकार हुए आशियाने की बात करते-करते ही उसकी आँखें झलक पड़ी। श्री सेतुराम ने अपनी नम आंखों और लड़खडाती जुबान से देश के प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को कोटि-कोटि धन्यवाद दिया।
बता दें कि जिले में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजनांतर्गत कुल 1 हजार 469 आवास स्वीकृत है, जिनमें से 815 आवासों को पूर्ण कर लिया गया है, शेष 654 आवास निर्माणधीन है, जो शीघ्र पूर्ण हो जायेंगे। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तह्त हितग्राहियों को 2 लाख रूपये की सहायता राशि 4 किश्तों में प्रदान की जाती है। पहली किश्त 40 हजार, दूसरी किश्त 60 हजार, तीसरी किश्त 80 हजार और चौथी किश्त 20 हजार रुपए है। इसके साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत् हितग्राही को 90 दिनों की मजदूरी भी प्रदान की जाती है।

  • Related Posts

    अंगना म शिक्षा’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन, कलेक्टर मिश्रा ने विजेताओं को किया सम्मानित

    धमतरी, 13 मार्च 2026। समग्र शिक्षा जिला धमतरी द्वारा स्थानीय जींजर लीफ, रूद्री रोड में जिला स्तरीय सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम 2025-26 के अंतर्गत ‘अंगना म शिक्षा’ कार्यक्रम का गरिमापूर्ण आयोजन…

    Read more

    प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त का हुआ हस्तांतरण

    जिले के 96 हजार से अधिक किसानों को मिला लाभ धमतरी, 13 मार्च 2026(IMNB NEWS AGENCY) प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजनांतर्गत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य…

    Read more

    NATIONAL

    राज्यसभा चुनाव को लेकर पटना में 14 और 15 मार्च को होगी बैठक, जीत का फॉर्मूला किया जाएगा सेट

    राज्यसभा चुनाव को लेकर पटना में 14 और 15 मार्च को होगी बैठक, जीत का फॉर्मूला किया जाएगा सेट

    रिपोर्ट का दावा: कोमा में हैं मोजतबा खामेनेई, ईरान के सुप्रीम लीडर ने हमले में एक पैर भी गंवाया

    रिपोर्ट का दावा: कोमा में हैं मोजतबा खामेनेई, ईरान के सुप्रीम लीडर ने हमले में एक पैर भी गंवाया

    छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक – 2026 के आने से धर्मांतरण में लगेगी रोक – अंजु गबेल घर वापसी प्रांत प्रमुख

    छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक – 2026 के आने से धर्मांतरण में लगेगी रोक – अंजु गबेल घर वापसी प्रांत प्रमुख

    बंगाल में सीएनजी की किल्लत से महंगाई की डबल मार, 10 रुपये तक ऑटो का किराया बढ़ाने की मांग

    बंगाल में सीएनजी की किल्लत से महंगाई की डबल मार, 10 रुपये तक ऑटो का किराया बढ़ाने की मांग

    विजय कृष्ण हत्याकांड: भाजपा छोड़ते ही चंदन मंडल की बढ़ी मुश्किलें, एनआइए ने भेजा नोटिस

    विजय कृष्ण हत्याकांड: भाजपा छोड़ते ही चंदन मंडल की बढ़ी मुश्किलें, एनआइए ने भेजा नोटिस

    विदेश मंत्री जयशंकर ने किया ईरान को कॉल, भारत के लिए खुला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता

    विदेश मंत्री जयशंकर ने किया ईरान को कॉल, भारत के लिए खुला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता