Ro no D15139/23

राज्य स्तरीय डिजिटल इंडिया परामर्श कार्यशाला संपन्न

*DPDP अधिनियम-2023 के तहत ‘प्राइवेसी बाय डिजाइन’ अपनाएगा छत्तीसगढ़*

 

रायपुर, 29 मई 2026 (IMNB NEWS AGENCY)

 

छत्तीसगढ़ में नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा, डिजिटल सेवाओं में विश्वसनीयता और डेटा गवर्नेंस को सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसायटी (CHiPS) एवं भारत सरकार के नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) के संयुक्त तत्वावधान में राजधानी रायपुर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय डिजिटल इंडिया परामर्श कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में विभिन्न शासकीय विभागों को ‘डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) अधिनियम, 2023’ के प्रभावी क्रियान्वयन और तकनीकी अनुपालन को लेकर कड़े व स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए।

 

*नागरिकों की डेटा सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: श्री मयंक अग्रवाल*

 

कार्यशाला को संबोधित करते हुए CHiPS के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्री मयंक अग्रवाल ने राज्य सरकार के संकल्प को दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की गोपनीयता और सुरक्षित डिजिटल सेवाओं का विस्तार करना शासन की मुख्य प्राथमिकता है।

“DPDP अधिनियम केवल एक विधिक या कानूनी प्रावधान नहीं है, बल्कि यह शासन व्यवस्था में ‘Privacy by Design’ (डिजाइन में ही गोपनीयता) एवं ‘Citizen-Centric Data Governance’ (नागरिक-केंद्रित डेटा गवर्नेंस) की दिशा में एक क्रांतिकारी और महत्वपूर्ण परिवर्तन है।

श्री अग्रवाल ने राज्य की तकनीकी प्रगति साझा करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ‘सेवा सेतु’ प्लेटफॉर्म का डिजिलॉकर, उमंग और माय स्कीम (My Scheme) जैसे राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ सफलतापूर्वक एकीकरण (Integration) किया जा चुका है। इसके जरिए नागरिकों को विभिन्न प्रमाण-पत्र और सरकारी सेवाएँ डिजिटल रूप से आसानी से मिल रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि आगामी चरण में सभी विभागों को “Digital-by-Default” दृष्टिकोण अपनाना होगा, ताकि अधिक से अधिक सेवाओं को राष्ट्रीय डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) से जोड़ा जा सके।

 

*पारदर्शिता, जवाबदेही और साइबर सुरक्षा को मिलेगा बल: श्री सुनील जैन*

 

नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD), नई दिल्ली के संचालक श्री सुनील जैन ने कार्यशाला में विभागीय दायित्वों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि DPDP अधिनियम, 2023 सभी सरकारी संस्थाओं के लिए डेटा प्रबंधन की नई और सख्त जवाबदेहियों को परिभाषित करता है। इस अधिनियम के कड़ाई से अनुपालन से न केवल विभागीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही आएगी, बल्कि राज्य की साइबर सुरक्षा प्रणाली को भी अभूतपूर्व बल मिलेगा।

 

*साइबर खतरों से निपटने के लिए ‘डेटा न्यूनतमकरण’ जरूरी*

 

राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), रायपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री पी. रामाराव ने डिजिटल युग में डेटा की सुरक्षा को लेकर विभागों को सचेत किया। उन्होंने बताया कि मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और अन्य व्यक्तिगत पहचान संबंधी जानकारियां आजकल साइबर अपराधियों के मुख्य निशाने पर होती हैं। इससे बचने के लिए उन्होंने सभी विभागों को डेटा न्यूनतमकरण (Data Minimization), लॉग मॉनिटरिंग तथा नियमित अंतराल पर सुरक्षा समीक्षा (Security Audit) अपनाने की महती सलाह दी।

 

*राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने दी तकनीकी प्रस्तुतियाँ*

 

कार्यशाला के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। NeGD के श्री नितीश कालरा ने अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, डेटा फिड्यूशियरी (Data Fiduciary) की भूमिका, सहमति प्रबंधन (Consent Management) और नागरिक शिकायत निवारण तंत्र पर प्रस्तुति दी। चिप्स के श्री आशीष जायसवाल और NeGD के श्री विशाल विरमानी ने डिजिलॉकर के साथ विभागों के एकीकरण, सुरक्षित दस्तावेज़ साझाकरण और डिजिटल प्रमाण-पत्रों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। सुश्री कीर्ति गुप्ता एवं श्री महेश कुमार ने उमंग और माय स्कीम प्लेटफॉर्म के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक नागरिक सेवाओं की पहुँच बढ़ाने की रणनीतियों को साझा किया।

 

*30, 60 और 90 दिनों का बनेगा एक्शन प्लान*

 

कार्यशाला के समापन पर CHiPS के संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अनुपम आशीष टोप्पो ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने घोषणा की कि इस कार्यशाला से प्राप्त महत्वपूर्ण सुझावों के आधार पर सभी विभागों के लिए 30, 60 और 90 दिनों की एक चरणबद्ध विभागीय कार्ययोजना (Action Plan) तैयार की जाएगी। इस योजना के माध्यम से राज्य में DPDP अधिनियम का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा और सुरक्षित डिजिटल सेवाओं के विस्तार को गति दी जाएगी।

इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में CHiPS सहित राज्य शासन के विभिन्न विभागों के 180 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। कार्यक्रम में डेटा संरक्षण, डिजिटल गवर्नेंस और राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के एकीकरण से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर गहन मंथन किया गया।

  • Related Posts

    विशेष स्वच्छता अभियान के बीच नन्हे बालक आनंद कश्यप ने दिया स्वच्छता का संदेश

    रायपुर, 29 मई 2026 (IMNB NEWS AGENCY) दंतेवाडा जिले में 15 मई से 15 जून तक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के माध्यम से लोगों को स्वच्छता,…

    Read more

    आयुष्मान योजना से मिली नई उम्मीद, जगनी बाई को मिला निःशुल्क उपचार का लाभ

    रायपुर,29 मई 2026 (IMNB NEWS AGENCY) आयुष्मान भारत योजना समाज के गरीब, जरूरतमंद एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। योजना के माध्यम से अब दूरस्थ ग्रामीण…

    Read more

    NATIONAL

    जो खुद जायेंगे, उनपर नहीं करेंगे कार्रवाई’, घुसपैठियों की घर वापसी पर बोले अमित शाह

    जो खुद जायेंगे, उनपर नहीं करेंगे कार्रवाई’, घुसपैठियों की घर वापसी पर बोले अमित शाह

    बंदर अब्बास अटैक पर ईरान का करारा जवाब, अमेरिकी एयरबेस पर किया हमला

    बंदर अब्बास अटैक पर ईरान का करारा जवाब, अमेरिकी एयरबेस पर किया हमला

    पटना में गंगा नदी में पलटी नाव, 15 लोग थे सवार, 2 की मौत, 5 की खोजबीन जारी

    पटना में गंगा नदी में पलटी नाव, 15 लोग थे सवार, 2 की मौत, 5 की खोजबीन जारी

    सम्राट कैबिनेट की आज होगी बैठक, इन विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

    सम्राट कैबिनेट की आज होगी बैठक, इन विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

    28 मई को इस्तीफा दे सकते हैं सिद्धरमैया! शिवकुमार बनेंगे कर्नाटक के मुख्यमंत्री; सामने आया बड़ा अपडेट

    28 मई को इस्तीफा दे सकते हैं सिद्धरमैया! शिवकुमार बनेंगे कर्नाटक के मुख्यमंत्री; सामने आया बड़ा अपडेट

    Plug-in Hybrid वेरिएंट के साथ आएगी नई Mercedes-Benz S-Class, मिलेगी 117KM तक की इलेक्ट्रिक रेंज

    Plug-in Hybrid वेरिएंट के साथ आएगी नई Mercedes-Benz S-Class, मिलेगी 117KM तक की इलेक्ट्रिक रेंज