Ro no D15139/23

माँ के दूध से स्वस्थ जीवन की मजबूत शुरुआत, प्रदेशभर में विश्व स्तनपान सप्ताह की शुरुआत

 

जन्म के पहले घंटे में स्तनपान और पहले छह माह तक केवल मां का दूध पिलाने पर विशेष जोर, स्वास्थ्य संस्थानों में जागरूकता गतिविधियां जारी

रायपुर, 04 अगस्त 2026/
हर नवजात को जीवन की स्वस्थ और सुरक्षित शुरुआत मिले, इसी उद्देश्य के साथ प्रदेशभर में विश्व स्तनपान सप्ताह की शुरुआत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सप्ताहभर अस्पतालों, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों तथा समुदाय स्तर पर विविध जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से माताओं, गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को स्तनपान के महत्व तथा उसके वैज्ञानिक लाभों की जानकारी दी जा रही है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शिशु के जन्म के पहले घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करना और पहले छह माह तक केवल मां का दूध पिलाना उसके स्वस्थ विकास की सबसे मजबूत नींव है। मां का पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) शिशु के लिए प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह कार्य करता है। यह संक्रमण से बचाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा कुपोषण के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। छह माह तक केवल स्तनपान कराने के बाद शिशु को उम्र के अनुरूप ऊपरी आहार के साथ दो वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखने की सलाह दी जाती है।

स्तनपान केवल शिशु के लिए ही नहीं, बल्कि मां के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। इससे प्रसव के बाद मां के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार होता है, कुछ गंभीर बीमारियों का खतरा कम होता है तथा मां और शिशु के बीच भावनात्मक संबंध भी अधिक मजबूत बनता है।
विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान स्वास्थ्य संस्थानों में गर्भवती एवं धात्री माताओं की काउंसलिंग, समूह चर्चा, स्वास्थ्य शिक्षा सत्र, प्रश्नोत्तर कार्यक्रम तथा स्तनपान संबंधी व्यवहारिक मार्गदर्शन दिया जा रहा है। चिकित्सक, स्टाफ नर्स, एएनएम, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अन्य स्वास्थ्यकर्मी माताओं को सही स्तनपान तकनीक, नवजात की देखभाल तथा स्तनपान से जुड़े सामान्य भ्रमों के वैज्ञानिक समाधान भी बता रहे हैं।

स्तनपान को केवल मां की जिम्मेदारी न मानकर पूरे परिवार की साझा जिम्मेदारी समझें। परिवार का सहयोग, सकारात्मक वातावरण और सही जानकारी ही प्रत्येक नवजात को स्वस्थ जीवन की बेहतर शुरुआत दे सकती है। जनभागीदारी और जागरूकता के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में और अधिक सुधार लाया जा सकता है तथा कुपोषण मुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया जा सकता है।

  • Related Posts

    मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े की पहल से सूरजपुर जिले को मिली 5 नए आंगनबाड़ी केंद्रों की स्वीकृति

      मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पोषण और बाल विकास सेवाओं का हो रहा निरंतर विस्तार रायपुर,04 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में…

    Read more

    महानदी के तट पर आस्था का महाकुंभ: बनारस की तर्ज पर गूंजे वैदिक मंत्र 20 करोड़ से दिव्य बनेगा रुद्रेश्वर धाम

      ​रायपुर, 04अगस्त 2026/सावन के पहले सोमवार की संध्या धमतरी की चित्रोत्पला महानदी का तट केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि भक्ति, संस्कृति और अध्यात्म का सजीव संगम बन गया। काशी…

    Read more

    NATIONAL

    Parliament Live : संसद में विपक्ष की रणनीति पर मंथन, खरगे ने INDIA गठबंधन के नेताओं की बैठक बुलाई

    Parliament Live : संसद में विपक्ष की रणनीति पर मंथन, खरगे ने INDIA गठबंधन के नेताओं की बैठक बुलाई

    शुभेंदु अधिकारी से पहले नरेंद्र मोदी से मिले सुदीप बनर्जी, जानें क्या होगा NCPI का भविष्य

    शुभेंदु अधिकारी से पहले नरेंद्र मोदी से मिले सुदीप बनर्जी, जानें क्या होगा NCPI का भविष्य

    LIVE: उत्तर प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र का प्रथम दिवस

    LIVE: उत्तर प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र का प्रथम दिवस

    Parliament Live : राम मंदिर चंदा विवाद पर चर्चा की मांग, कांग्रेस ने राज्यसभा में दिया नोटिस

    Parliament Live : राम मंदिर चंदा विवाद पर चर्चा की मांग, कांग्रेस ने राज्यसभा में दिया नोटिस

    बीजेपी का राहुल गांधी पर वार, साक्षी महाराज बोले- विदेशी नारी से पैदा हुआ बालक राष्ट्रभक्त नहीं हो सकता

    बीजेपी का राहुल गांधी पर वार, साक्षी महाराज बोले- विदेशी नारी से पैदा हुआ बालक राष्ट्रभक्त नहीं हो सकता

    आपत्तिजनक टिप्पणी मामला : नाबालिग लड़की को राहत, पीएम मोदी की माफी के बाद केस वापस

    आपत्तिजनक टिप्पणी मामला : नाबालिग लड़की को राहत, पीएम मोदी की माफी के बाद केस वापस