Ro no D15139/23

महिला शक्ति और वनोपज का सफल संगम, हरिबोल स्व सहायता समूह ने रचा आर्थिक सशक्तिकरण का उदाहरण’

बढ़ती मांग, मजबूत बाजारः स्थानीय से प्रदेश स्तर तक वनौषधियों की निरंतर आपूर्ति’
’स्वास्थ्य सेवा में महत्वपूर्ण योगदान वनौषधि उपचार से 1500 से अधिक मरीजों को मिला लाभ

कोरबा 05 फरवरी 2026/ IMNB NEWS AGENCY   ग्रामीण अंचलों में वनोपज पर आधारित आजीविका सदियों से महिलाओं के जीवन और आर्थिक संरचना का अभिन्न हिस्सा रही है। जंगलों से प्राप्त वनोषधि एवं अन्य वनोपज न केवल पारंपरिक ज्ञान का प्रतीक हैं, बल्कि आज के समय में महिला स्वावलंबन, स्वास्थ्य और सतत रोजगार का मजबूत आधार भी बन रहे हैं। जब संगठित प्रयास, प्रशिक्षण और बाजार से जुड़ाव मिलता है, तब यही वनोपज ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता और सम्मान का नया अध्याय रचते हैं। इसी सोच को साकार करता हुआ एक सशक्त उदाहरण है डोंगानाला का हरिबोल स्व सहायता समूह है, वर्ष 2006-07 में यूरोपियन कमीशन परियोजना के अंतर्गत स्वीकृत इस पहल के माध्यम से गठित हरिबोल स्व सहायता समूह ने आज महिला सशक्तिकरण की एक सफल मिसाल कायम की है। 12 महिला सदस्यों से युक्त यह समूह वनौषधि प्रसंस्करण केंद्र, डोंगानाला का सफल संचालन कर रहा है, जहां कच्ची वनौषधियों का संग्रहण, वैज्ञानिक पद्धति से प्रसंस्करण एवं विपणन किया जाता है। समूह की महिलाएं स्वयं जंगलों से कच्ची वनौषधि एकत्र कर, निर्धारित घटक मात्रा के अनुसार प्रसंस्करण कार्य करती हैं।
प्रसंस्करित वनौषधियों की मांग स्थानीय स्तर के साथ-साथ प्रदेश स्तर पर भी निरंतर बनी हुई है। समूह द्वारा उत्पादित वनौषधियों का विक्रय एन.डब्ल्यू.एफ.पी. मार्ट बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, कांकेर, अंबिकापुर, जगदलपुर सहित संजीवनी केंद्र केवची (कटघोरा) एवं कोरबा में किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रसंस्करण केंद्र में नियुक्त वैद्य द्वारा स्थानीय एवं आसपास के क्षेत्रों के 1500 से अधिक मरीजों का सफल उपचार किया जा चुका है, जिनमें वातरोग, बवासीर, पथरी, उदररोग, बांझपन, सिरदर्द, ज्वर, चर्मरोग, लकवा, टीबी, सफेद पानी सहित अनेक रोग शामिल हैं। महिलाओं द्वारा हिंगवाष्टक चूर्ण, अजमोदादि चूर्ण, अश्वगंधादि चूर्ण, सितोपलादि चूर्ण, अविपत्तिकर चूर्ण, बिल्वादि चूर्ण, पुष्यानुग चूर्ण, त्रिफला चूर्ण, पंचसम चूर्ण, शतावरी चूर्ण, आमलकी चूर्ण, पायोकिल (दंतमंजन), सर्दी-खांसी नाशक चूर्ण, हर्बल कॉफी चूर्ण, महिला मित्र चूर्ण, हर्बल मधुमेह नाशक चूर्ण, हर्बल फेसपैक चूर्ण तथा हर्बल केशपाल चूर्ण का निर्माण किया जा रहा है।
आर्थिक दृष्टि से हरिबोल स्व सहायता समूह ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्तमान में समूह द्वारा 20.52 लाख रुपये की वार्षिक आय अर्जित की जा रही है तथा प्रतिवर्ष लगभग 50 लाख रुपये की वनौषधियों का विक्रय किया जाता है। इससे प्रत्येक सदस्य को औसतन 1.71 लाख रुपये प्रति वर्ष की आमदनी प्राप्त हो रही है। बीते दो वर्षों में समूह का विक्रय एवं लाभ दोनों दोगुने हुए हैं, जहां पूर्व में वार्षिक लाभ 10.68 लाख रुपये था, जो वर्तमान में बढ़कर 20.52 लाख रुपये हो गया है।
वन मंडलाधिकारी कटघोरा श्री कुमार निशांत ने बताया कि यह वनौषधि प्रसंस्करण केंद्र समूह से जुड़ी महिलाओं को स्थायी रोजगार, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रहा है। महिलाएं अपनी आय से बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य उपचार, घरेलू आवश्यकताओं एवं त्यौहारों के खर्चों को सहजता से पूरा कर रही हैं। समूह की महिलाएं मासिक अंशदान के माध्यम से आपसी सहयोग, ऋण व्यवस्था और सामाजिक सहभागिता को भी मजबूत कर रही हैं।
हरिबोल स्व सहायता समूह की उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है। वर्ष 2008 में फिलिप्स बहादुरी पुरस्कार प्राप्त करने के साथ ही भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन संघ (ट्राइफेड), भारत सरकार द्वारा वर्ष 2020-21 में वनधन विकास केंद्र, डोंगानाला को राष्ट्रीय स्तर पर अधिकतम प्रकार के वनोत्पाद निर्माण एवं विपणन हेतु प्रथम पुरस्कार तथा अधिकतम विक्रय हेतु द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया, केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन मुंडा द्वारा प्रदान किया गया।
हरिबोल स्व सहायता समूह की यह सफलता इस बात का सशक्त प्रमाण है कि जब महिलाओं की पारंपरिक जानकारी को आधुनिक प्रसंस्करण और विपणन से जोड़ा जाता है, तब वनोपज न केवल आजीविका का साधन बनते हैं, बल्कि ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की मजबूत नींव भी तैयार करते हैं।

  • Related Posts

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संघ की 100 वर्षों की गौरवगाथा पर आधारित फिल्म ‘शतक’ को छत्तीसगढ़ में टैक्स-फ्री करने की घोषणा की

    रायपुर, 26 फरवरी 2026 (IMNB NEWS AGENCY) मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित जोरा मॉल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गौरवशाली 100 वर्षों की यात्रा पर…

    Read more

    ग्राम घुपसाल में जल संवर्धन फसल परिवर्तन में उत्कृष्ट कार्य के लिए किसानों को किया गया सम्मानित

    राजनांदगांव 26 फरवरी 2026 (IMNB NEWS AGENCY) कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण अंतर्गत छुरिया विकासखंड के ग्राम घुपसाल में जिले के अंदर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रीष्मकालीन…

    Read more

    NATIONAL

    वीडियो: इजरायल के PM का ‘देसी अवतार’, मोदी जैकेट में नेतन्याहू ने दिया सरप्राइज

    वीडियो: इजरायल के PM का ‘देसी अवतार’, मोदी जैकेट में नेतन्याहू ने दिया सरप्राइज

    जमशेदपुर में आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का कार्यक्रम, स्वागत के लिए सजकर तैयार है शहर

    जमशेदपुर में आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का कार्यक्रम, स्वागत के लिए सजकर तैयार है शहर

    बांग्लादेश में समुद्री लुटेरों की आहट, सुंदरबन में भारत ने कसा सुरक्षा घेरा

    बांग्लादेश में समुद्री लुटेरों की आहट, सुंदरबन में भारत ने कसा सुरक्षा घेरा

    पीएम मोदी का इजरायल दौरा: आयरन बीम से ‘सुदर्शन चक्र’ होगा और भी घातक

    पीएम मोदी का इजरायल दौरा: आयरन बीम से ‘सुदर्शन चक्र’ होगा और भी घातक

    मोदी राहुल के सामने बोल नहीं पाएंगे-जोक आॅफ द ईयर, राहुल को खुश करने के लिये गिरने की होड़, वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    मोदी राहुल के सामने बोल नहीं पाएंगे-जोक आॅफ द ईयर, राहुल को खुश करने के लिये गिरने की होड़,  वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    पीएम मोदी इजरायल दौरा: तिरंगे में रंगी संसद में देंगे भाषण, किन मुद्दों पर ‘बीबी’ से होगी बात

    पीएम मोदी इजरायल दौरा: तिरंगे में रंगी संसद में देंगे भाषण, किन मुद्दों पर ‘बीबी’ से होगी बात