
हेल्थ डेस्क । विटामिन-डी शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाने, हड्डियों को मजबूत बनाने और हार्मोन्स को बैलेंस करने के लिए बहुत जरूरी होता है। यदि शरीर में इस विटामिन की कमी हो जाए, तो यह काफी नुकसानदायक हो सकता है। आजकल सोशल मीडिया पर हर जगह विटामिन-डी की बात हो रही है। हालांकि, यहां यह जानने वाली बात है कि क्या विटामिन-डी सप्लीमेंट्स कोई भी ले सकता है। दरअसल, सोशल मीडिया पर किसी भी चीज का प्रचार देखने के बाद लोग उससे प्रभावित होकर उसे लेना शुरू कर देते हैं, जबकि ऐसा करना सही नहीं होता है।
बिना जांच के भी ले सकते हैं विटामिन-डी?
आजकल लोग धूप में कम ही निकलते हैं, वहीं ज्यादातर लोग दूध भी नहीं पी पाते हैं और जो लोग दूध पीते हैं, वह भी शुद्ध नहीं होता है। ऐसे में विटामिन डी की कमी हो सकती है। हालांकि, बिना किसी जांच के विटामिन-डी की गोलियां या फिर कैप्सूल्स लेना सही नहीं होता है। दरअसल, ज्यादा मात्रा में विटामिन डी कंज्यूम करने से शरीर में कैल्शियम बढ़ सकता है, जो किडनी और धमनियों को नुकसान पहुंचा सकता है। शरीर में ज्यादा कैल्शियम का होना पथरी बनने का कारण भी बन सकता है। ऐसे में बिना कैल्शियम का लेवल जांचे विटामिन-डी नहीं लेना चाहिए।
विटामिन डी को लेने का सही तरीका
विटामिन-डी के साथ लें ये सप्लीमेंट्स – यदि विटामिन डी के किसी भी तरह के साइड इफेक्ट्स से बचना है, तो इसके साथ मैग्नीशियम और विटामिन K2 लेना जरूरी है। इससे कैल्शियम धमनियों में जमा नहीं होता है।
जांच करवानी है जरूरी – विटामिन डी को लेने से पहले अपना ब्लड टेस्ट करवाना जरूरी है, ताकि आपको यह पता चल सके कि आपकी बॉडी को विटामिन डी सप्लीमेंट लेने की जरूरत है या फिर नहीं।
विटामिन डी की सही मात्रा – विटामिन डी सप्लीमेंट लेने से पहले अपनी बॉडी की जरूरत को समझते हुए सही मात्रा में ही विटामिन डी लेना चाहिए। दरअसल, सप्लीमेंट्स की ओवरडोज नुकासन दे सकती है। ऐसे में विटामिन डी की सही मात्रा लेना जरूरी है।









