
बूढ़ातालाब को सजाने के लिये स्मार्ट सिटी के नाम पर 31 करोड़ की बंदरबांट सब जानते हैं। जनमानस को पता होता है और है कि पैसा संेशन हुआ है तो अधिकारियों के घर भरेंगे। महापौर मीनल चैबे मानो लीक से हटके काम करने की इच्छुक हैैं। उन्होनें इस कुपरम्परा के विरूद्ध जाकर निगरानी शुरू कर दी है।
पता नहीं वे अधिकारियों को कई दशकों से रचा चक्रव्यूह भेद पाएंगी या नहीं ?

दरअसल सरकारी पैसा आने के बाद उसके खत्म होते तक अपना घर भरने का काम होता रहता है। पैसा खत्म तो फिर कैसा काम ? बदहाल बूढ़ा तालाब गार्डन की इस स्थिति सुधारने की महापौर ने घोषणा कि है और जवाबदारों पर कार्यवाही की बात कही है।
यहां आकर बात अटकती है। देखना यह है कि महापौर दशकों से घूसखोरी और काली कमाई में धंसे इस सिस्टम को तोड़ कर कुछ नया आयाम स्थापित कर पाएंगी ?
क्या सर पे बिठाएं गैरकानूनी लोगों को
रोहिंग्या मुसलमानों के लापता होने के मामले में दायर एक याचिका पर निर्णय सुनाते हुए माननीय सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की कि ‘क्या अवैध रूप से घुसने वालों को रेड कारपेट वेलकम दिया जाना चाहिये जबकि देश के अपने नागरिक गरीबी से जूझ रहे हैं।
अगर किसी के पास भारत में रहने का कानूनी अधिकार नहीं है और वह घुसपैठिया हैं, तो उसे सभी सुविधाएं क्यांे दी जाएं। गरीब नागरिकों की जरूरतों पर ध्यान देना चाहिये।
बीएलओ की मौत पर ममता का रूदन
सत्ता जाने के डर की छटपटाहट
सब जानते हैं कि एसआईआर वास्तविक मतदाताओं को छांटने का काम कर रहा है। फर्जी मतदाता किक आउट किये जा रहे हैं।
ऐसे में बीएलओ पर काम का दबाव बताकर ममता बैनर्जी हाय-तौबा मचा रही हैं।
जबकि बीएलओ काम के बोझ से नहीं मर रहे। उनकी मृत्यु के कई और कारण हैं। बंगाल में एक मामले में बीएलओ की पत्नी ने साफ कहा कि उसे मारने वाले त्रणमूल कांग्रेस के गुण्डे थे।
बूथ लेवल आॅफिसर
बीएलओ को चुनाव आयोग नियुक्त करता है ये राज्य सरकार के कर्मचारी होते हैं। इनका एरिया भी छोटा होता है, इन्हें अपना मूल काम करने के उत्तरदायित्व से भी मुक्ति दी गयी है
इसके अलावा इनको *सामान्य वेतन से तीन गुना पैसा चुनाव आयोग देता है। ऐसे में वो भला क्यों आत्महत्या करेगा ?
प बंगाल में बीएलओ पर दबाव है त्रणमूल कांग्रेस की ममता सरकार के मकसद येन-केन-प्रकारेण सत्ता हासिल करने को पूरा करना।

काम शुरू होते ही पता चला कि बीएलओ द्वारा लाए गये विवरण मे 2208 बूथ में पिछले 23 साल से रजिस्टर्ड वोटर यथावत दिखे यानि इनमें से न कोई मरा, न बाहर गया, 23 साल से सारे वोटर जस के तस बने हुए हैं। जो कि असंभव है।
जांच होने पर पता चला कि वोटर्स की वास्तविक संख्या 408 वोटर है न कि 2208।
बीएलओ जो कर रहे हैं ईमानदारी से, उससे ममता सरकार को नुकसान है।
फर्जी बाप
एक मामले में एक शख्स के पास सारे दस्तावेज मिलवाए। सारे दस्तावेज सही पाए गये। लेकिन जांच की तो पता चला कि उसके बाप का नाम फर्जी था।
उसके बाप का नाम और पता तो सही निकला पर वह शख्स उसका बाप था ही नहीं जिसे वो बाप बताता रहा।
ममता बैनर्जी को हाथ से बंगाल निकलता दिख रहा है इसलिये ब्लाॅक लेवल आॅफिसर का रोना रो रही हैं। *
ज्योतिष के हिसाब से
सड़े अण्डे जैसी किस्मत
एक ज्योतिष का दावा है कि अंक गणित के हिसाब से शनि 8 का अंक है बुध 5 है दोनों पक्के दोस्त हैं। इनकी कुण्डली के अनुसार पूर्णतः राजयोग है। इसीलिये वे लगातार सत्ता में बनी रहीं। इनके सप्तम् में शनि है ऐसे लोगांे की शादी नहीं होती है।
बुध की महादशा चालू होने वाली है। बुध अकारक है। राहु ओर सूर्य के साथ नवम् भाव में बैठा है। नवम् में बैठे बुध को लाल किताब ये कहती है कि सड़े अण्डे जैसी किस्मत है। अब ये मुख्यमंत्री बनें इसकी कोई संभावना नहीं है। ————————–
जवाहर नागदेव,
वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, चिन्तक, विश्लेषक
मोबा. 9522170700







