Ro no D15139/23

17 फरवरी को है साल का पहला सूर्य ग्रहण, जानें भारत पर क्या पड़ेगा प्रभाव

Surya Grahan 2026: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगने वाला है. यह वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जिसे अग्नि वलय, आग का छल्ला या रिंग ऑफ फायर भी कहा जाता है. इसमें सूर्य के चारों ओर एक चमकदार वलय यानी अंगूठी जैसी आकृति दिखाई देती है. यह तब होता है जब चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से ढक नहीं पाता है.

सूर्य ग्रहण का समय

  • सूर्य ग्रहण प्रारंभ: 17 फरवरी 2026, मंगलवार, दोपहर 03:26 बजे
  • सूर्य ग्रहण समाप्त: 17 फरवरी 2026, शाम 07:57 बजे
  • सूर्य ग्रहण की कुल अवधि: 4 घंटे 31 मिनट

क्या भारत में दिखाई देगा सूर्य ग्रहण?

साल 2026 के फरवरी महीने में लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, जिस कारण भारत पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.

क्या भारत में लागू होगा सूर्य ग्रहण का सूतक काल?

चूंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक काल नहीं माना जाएगा.

क्या सूर्य ग्रहण के दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे?

मंदिरों के कपाट केवल उसी स्थिति में बंद किए जाते हैं जब सूर्य ग्रहण दिखाई दे और सूतक काल लागू हो. इस बार चूंकि ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए मंदिर सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे.

किस-किन देशों में सूर्य ग्रहण दिखाई देगा?

इस बार सूर्य ग्रहण अंटार्कटिका, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण अर्जेंटीना और चिली के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा.

सूर्य ग्रहण क्यों लगता है?

सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है. यह तब होता है जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी एक सीधी रेखा में आ जाते हैं, जिससे पृथ्वी पर सूर्य की रोशनी नहीं पहुँच पाती. यह घटना हमेशा अमावस्या के दिन होती है.

सूर्य ग्रहण के समय क्या करना चाहिए?

यदि सूर्य ग्रहण दिखाई दे और सूतक काल मान्य हो, तो कुछ विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए:

  • ग्रहण के समय जागते हुए भगवान का नाम जाप करना चाहिए.
  • भोजन और जल में तुलसी के पत्ते डालकर रखना चाहिए ताकि भोजन शुद्ध रहे.
  • घर के बाहर जाने से बचना चाहिए.
  • गर्भवती महिलाओं को इस दिन खासकर घर के अंदर रहना चाहिए. कहते हैं कि ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा निकलती है, जिसका बुरा प्रभाव पड़ सकता है.

सूर्य ग्रहण के समय क्या नहीं करना चाहिए?

  • सूर्य ग्रहण के समय सोना नहीं चाहिए.
  • ग्रहण के दौरान किसी भी तरह की नुकीली चीज़ें जैसे चाकू, कैंची, सुई का उपयोग नहीं करना चाहिए.
  • सूर्य ग्रहण के समय भोजन नहीं करना चाहिए.
  • सूर्य ग्रहण को कभी भी नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए, क्योंकि इससे आंखों पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है.
  • Related Posts

    नेपाल चुनाव: रैपर बालेन शाह का कमाल, RSP ने 18 सीटें जीतीं, 99 पर आगे

    Nepal Election Results : रैपर से नेता बने बालेंद्र शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) नेपाल चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करती दिख रही है. स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार, नेपाल…

    Read more

    सीएम नीतीश की तरह निशांत कुमार भी करेंगे बिहार की यात्रा, 8 मार्च से शुरू होगा सियासी सफर

    Bihar Politics: सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार 8 मार्च से एक्टिव पॉलिटिक्स में अपना सफर शुरू करेंगे. जेडीयू ज्वाइन करने के बाद वे पिता सीएम नीतीश की तरह ही…

    Read more

    NATIONAL

    नेपाल चुनाव: रैपर बालेन शाह का कमाल, RSP ने 18 सीटें जीतीं, 99 पर आगे

    नेपाल चुनाव: रैपर बालेन शाह का कमाल, RSP ने 18 सीटें जीतीं, 99 पर आगे

    सीएम नीतीश की तरह निशांत कुमार भी करेंगे बिहार की यात्रा, 8 मार्च से शुरू होगा सियासी सफर

    सीएम नीतीश की तरह निशांत कुमार भी करेंगे बिहार की यात्रा, 8 मार्च से शुरू होगा सियासी सफर

    श्रीलंका ने दूसरे ईरानी जहाज का लिया कंट्रोल, 208 की बची जान, IRIS Dena पर US हमले से मुर्दाघर फुल

    श्रीलंका ने दूसरे ईरानी जहाज का लिया कंट्रोल, 208 की बची जान, IRIS Dena पर US हमले से मुर्दाघर फुल

    CM रहते राज्यसभा जाने वाले पहले नेता बने नीतीश कुमार, अब बिहार की राजनीति में क्या-क्या होगा?

    CM रहते राज्यसभा जाने वाले पहले नेता बने नीतीश कुमार, अब बिहार की राजनीति में क्या-क्या होगा?

    हुमायूं कबीर का पहला दांव ही पड़ा उलटा, चुनाव आयोग की आपत्ति के बाद बदला पार्टी का नाम

    हुमायूं कबीर का पहला दांव ही पड़ा उलटा, चुनाव आयोग की आपत्ति के बाद बदला पार्टी का नाम

    ईरान के नए सुप्रीम लीडर चुने गए मोजतबा खामेनेई, एसेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स का फैसला

    ईरान के नए सुप्रीम लीडर चुने गए मोजतबा खामेनेई, एसेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स का फैसला