
इस अभियान का उद्देश्य केवल नदी की स्वच्छता नहीं, बल्कि उसके संपूर्ण उद्गम क्षेत्र और आसपास की पारिस्थितिकी को संरक्षित करते हुए उसे एक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है।
*‘माँ अभियान’ के तहत:*
उद्गम क्षेत्र और प्रवाह पथ की स्वच्छता और अतिक्रमण मुक्तिकरण
नदी तटों का संरक्षण एवं वृक्षारोपण द्वारा भूमि कटाव की रोकथाम
जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कर भूजल स्तर को स्थिर बनाए रखना
कुंडों, धर्मशालाओं और गंगा घाट जैसी आधारभूत संरचनाओं का विकास
यह अभियान केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति और प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व का सशक्त प्रतीक है।
सुशासन के संकल्प से विरासतों का हो रहा संरक्षण – ‘माँ अभियान’ के साथ बदलाव की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़।
आप सभी दिनांक *2 मई 2025* *से* इस अभियान का हिस्सा बने।
आइए, हम सब मिलकर महानदी को बचाएं, और धमतरी और छत्तीसगढ़ को जल-सुरक्षित बनाएँ।
सादर,
अबिनाश मिश्रा
कलेक्टर, धमतरी








