
बैठक के दौरान खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. ऋषभ साव ने अभियान की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि शासन के निर्देशानुसार यह महाअभियान 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक निरंतर चलेगा। अभियान को सुव्यवस्थित रूप से चलाने के लिए इसे विभिन्न चरणों में बांटा गया है। शुरुआती तीन दिनों यानी 10 से 12 फरवरी तक आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों और विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं में विशेष बूथ लगाए जाएंगे, जहाँ बच्चों और लक्षित जनसमुदाय को दवा का सेवन कराया जाएगा। इसके उपरांत अभियान को व्यापक रूप देते हुए 13 फरवरी से 22 फरवरी तक घर-घर भ्रमण का दौर शुरू होगा, जिसमें स्वास्थ्य कर्मी सीधे लोगों के घर जाकर उन्हें अपने सामने दवा खिलाएंगे। अंत में, 23 से 25 फरवरी तक उन लोगों के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा जो किसी कारणवश शुरुआती चरणों में दवा लेने से वंचित रह गए थे, ताकि कोई भी व्यक्ति इस सुरक्षा चक्र से बाहर न रहे।
प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर है कि जन-जन तक इस अभियान की महत्ता पहुँचे। इसके लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके तहत कार्यक्रम के एक दिन पूर्व पूरे क्षेत्र में मुनादी कराई जाएगी और मशाल रैली निकालकर जागरूकता फैलाई जाएगी। इसके अतिरिक्त, युवाओं और छात्रों को जोड़ने के लिए हायर सेकेंडरी स्कूलों में निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, तो वहीं सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से नारा लेखन और सूचनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। बैठक के अंत में सभी उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और इस अभियान को एक जन-आंदोलन का रूप दें।








