
इस विशेष आयोजन में विधि-विधान के साथ बंदियों ने महाकुम्भ के पवित्र जल से स्नान कर आध्यात्मिक एवं मानसिक शुद्धि का अनुभव किया। जेल में निरूद्ध रहने के बावजूद इस पावन स्नान का अवसर मिलने पर बंदियों ने छत्तीसगढ़ शासन का आभार व्यक्त किया। शासन की यह पहल उनके जीवन में एक नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करेगी तथा समाज की मुख्यधारा में पुनः जुड़ने की प्रेरणा देगी।
बंदियों ने इस आयोजन को अपने जीवन में एक महत्वपूर्ण अवसर मानते हुए प्रतिज्ञा की कि वे भविष्य में अपने पूर्व कृत्यों को सुधारकर समाज एवं राष्ट्र के विकास में अपनी भूमिका निभाएंगे। जेल प्रशासन द्वारा इस आयोजन हेतु आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई।
बंदियों ने इस पुण्य अवसर हेतु छत्तीसगढ़ शासन एवं जेल प्रशासन को साधुवाद देते हुए इस पहल को ऐतिहासिक बताया। जेल प्रशासन ने भी इसे एक प्रेरणादायक कदम बताते हुए विश्वास जताया कि यह बंदियों के सुधार एवं पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित








