Ro no D15139/23

हजारों की संख्या में स्कूल बंद होने की बातें भ्रामक और तथ्यहीन

सिर्फ 166 स्कूलों का होगा समायोजन

शेष 10,297 स्कूल पूरी तरह से चालू रहेंगे

विभाग ने कहा युक्तियुक्तकरण शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास

रायपुर । शिक्षा विभाग ने कतिपय संगठनों एवं व्यक्तियों द्वारा युक्तियुक्तकरण से हजारों की संख्या में स्कूलों के बंद होने की बात को पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने कहा है कि असलियत इससे बिलकुल अलग है। प्रदेश सरकार की ओर से जारी युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया का उद्देश्य किसी की पढ़ाई रोकना नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।

राज्य के कुल 10,463 स्कूलों में से सिर्फ 166 स्कूलों का समायोजन होगा। इन 166 स्कूलों में से ग्रामीण इलाके के 133 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें छात्रों की संख्या 10 से कम है और एक किलोमीटर के अंदर में दूसरा स्कूल संचालित है। इसी तरह शहरी क्षेत्र में 33 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें दर्ज संख्या 30 से कम हैं और 500 मीटर के दायरे में दूसरा स्कूल संचालित है। इस कारण 166 स्कूलों को बेहतर शिक्षा के उद्देश्य से समायोजित किया जा रहा है, इससे किसी भी स्थिति में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। शेष 10,297 स्कूल पूरी तरह से चालू रहेंगे। उनमें केवल प्रशासनिक और शैक्षणिक स्तर पर आवश्यक समायोजन किया जा रहा है। स्कूल भवनों का उपयोग पहले की तरह ही जारी रहेगा और जहाँ आवश्यकता होगी, वहाँ शिक्षक भी उपलब्ध रहेंगे।

यहाँ स्पष्ट करना जरूरी है कि स्कूलों का “समायोजन” और “बंद” होना अलग चीज है। समायोजन का अर्थ है पास के स्कूलों को एकीकृत कर बेहतर संसाधनों का उपयोग। इसका मकसद बच्चों को अच्छी शिक्षा देना है, न कि स्कूल बंद करना। शिक्षा विभाग ने लोगों से अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है। सच्चाई यह है कि राज्य सरकार स्कूलों को मजबूत करने, पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाने और हर बच्चे को बेहतर शिक्षा देने की सुदृढ व्यवस्था में जुटी है।

शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की पहल

दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण यानि तर्कसंगत समायोजन कर रही है। इसका उद्देश्य यह है कि जहां जरूरत ज्यादा है, वहां संसाधनों और शिक्षकों का बेहतर ढंग से उपयोग सुनिश्चित हो। उन स्कूलों को जो कम छात्रों के कारण समुचित शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं, उन्हें नजदीकी अच्छे स्कूलों के साथ समायोजित किया जाए, ताकि बच्चों को बेहतर माहौल, संसाधन और पढ़ाई का समान अवसर उपलब्ध हो सके। इससे बच्चों को ज्यादा योग्य और विषय के हिसाब से विशेषज्ञ शिक्षक मिलेंगे। स्कूलों में लाइब्रेरी, लैब, कंप्यूटर आदि की सुविधाएं सुलभ होंगी। शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में अब पर्याप्त शिक्षक मिलेंगे। जिन स्कूलों में पहले गिनती के ही छात्र होते थे, वे अब पास के अच्छे स्कूलों में जाकर बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस बदलाव से शिक्षा का स्तर सुधरेगा।

सरकार की मंशा साफ है, हर बच्चे को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। यही वजह है कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शिक्षकों की तैनाती सिर्फ संख्या के हिसाब से नहीं बल्कि जरूरत के हिसाब से हो। छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग का मानना है कि यह कदम सिर्फ एक प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक ठोस बदलाव है, जिससे आने वाली पीढ़ी को मजबूत नींव मिलेगी।

  • Related Posts

    मोबाइल ऐप आधारित सर्वे से कमार जनजाति के विकास को मिलेगी नई दिशा

    धमतरी, 12 अप्रैल 2026/- धमतरी जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) कमार समुदाय के सर्वेक्षण हेतु भारत सरकार के जनजातीय मंत्रालय के मार्गदर्शन में एक अभिनव मोबाइल ऐप आधारित पहल…

    Read more

    खेल, नई ऊर्जा: धमतरी में पहली बार बीच वॉलीबॉल प्रतियोगिता का सफल आयोजन, युवाओं में दिखा जबरदस्त उत्साह

    गंगरेल की रेत पर खेला गया रोमांच: धमतरी में पहली बार बीच वॉलीबॉल प्रतियोगिता धमतरी, 12 अप्रैल 2026 (IMNB NEWS AGENCY) जिले में खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और युवाओं…

    Read more

    NATIONAL

    महात्मा ज्योतिराव फुले: भारत के दिव्य पथ-प्रदर्शक, पढ़ें पीएम मोदी का लेख

    महात्मा ज्योतिराव फुले: भारत के दिव्य पथ-प्रदर्शक, पढ़ें पीएम मोदी का लेख

    सीएम नीतीश आज JDU नेताओं संग कर सकते हैं बैठक, कब तक बन सकती है नई सरकार?

    सीएम नीतीश आज JDU नेताओं संग कर सकते हैं बैठक, कब तक बन सकती है नई सरकार?

    ईरान को ट्रंप की दो टूक: बिना समझौते के भी खुलेगा ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’, वार्ता के लिए पाकिस्तान पहुंचे जेडी वेंस

    ईरान को ट्रंप की दो टूक: बिना समझौते के भी खुलेगा ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’, वार्ता के लिए पाकिस्तान पहुंचे जेडी वेंस

    ईरानी स्पीकर गालीबाफ बोले- इरादा तो नेक है पर अमेरिका पर भरोसा नहीं; फ्लाइट में लाए पीड़ितों की तस्वीरें

    ईरानी स्पीकर गालीबाफ बोले- इरादा तो नेक है पर अमेरिका पर भरोसा नहीं; फ्लाइट में लाए पीड़ितों की तस्वीरें

    शराबबंदी, आरक्षण समेत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 10 यादगार फैसले, जिसने बिहार को दी नई राह

    शराबबंदी, आरक्षण समेत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 10 यादगार फैसले, जिसने बिहार को दी नई राह

    पाकिस्तान के रक्षामंत्री के ‘कैंसर’ वाले बयान से भड़का इजराइल, पीएम नेतन्याहू ने दिया जवाब

    पाकिस्तान के रक्षामंत्री के ‘कैंसर’ वाले बयान से भड़का इजराइल, पीएम नेतन्याहू ने दिया जवाब