
कोरबा 20 जुलाई 2026/राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के मार्गदर्शन में ए0डी0आर0 भवन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में ‘‘सामुदायिक मध्यस्थता मुकदमा मुक्त ग्रामीण भारत’’ के सफल क्रियान्वयन हेतु प्रतिभागियों की प्रशिक्षण कार्यक्रम 19 जुलाई से 23 जुलाई तक आयोजन किया जा रहा है। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ श्री संतोष शर्मा, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोरबा द्वारा किया गया। जिसमें न्यायाधीशगण श्री लीलाधर सारथी, विशेष सत्र न्यायाधीश (एस.टी./एस.सी.) अधि0 कोरबा, श्रीमती श्रद्धा शुक्ला शर्मा, विशेष न्यायाधीश कटघोरा छ0ग0, श्रीमती मधु तिवारी, प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, कटघोरा, श्रीमती गरिमा शर्मा, प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, कोरबा, श्रीमती ममता भोजवानी, द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कोरबा, श्री सुनील कुमार नन्दे, तृतीय अपर जिला न्यायाधीश, श्री अविनाश तिवारी श्रम न्यायाधीश कोरबा, सुश्री सीमा प्रताप चन्द्रा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी.), कोरबा, श्री हेमंत कुमार रात्रे, तृतीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कटघोरा, श्री शीलु सिंह, द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कटघोरा, कु0 मयूरा गुप्ता, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोरबा, श्री सत्यानंद प्रसाद, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा, श्री लोकेश पटले, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कटघोरा, कु. डॉली धु्रव, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी कोरबा, कु. रन्जु वैष्णव, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कटघोरा, श्रीमती सोनी तिवारी प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी कोरबा, कु0 डिम्पल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा, कु. कुमुदिनी गर्ग, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा, श्री हेमंत राज धुर्वे, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी करतला, कु. शोआ मंसुर, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पाली, श्री सागर चन्द्राकर, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कटघोरा, श्रीमती प्रेरणा वर्मा, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कटघोरा, कु0 तृप्ति राघव, न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय श्रेणी कोरबा, उच्च न्यायालय बिलासपुर से पोटेंशियल ट्रेनर्स श्रीमती हदीमा सिद्दकी वरिष्ठ अधिवक्ता व सुश्री आकांक्षा जैन अधिवक्ता, विशिष्ठ अतिथि के रूप में व जिला जांजगीर-चाम्पा व जिला कोरबा के ग्रामीण अंचल से प्रतिभागियों के रूप में समुदायिक मेडियेटर्स, लीगल एड डिफेंस कौंसिल कोरबा के कौंसिलगण व समस्त कर्मचारीगण उपस्थित रहे है, तथा पोटेंशियल ट्रेनर्स के द्वारा समस्त प्रतिभागियों/समुदायिक मेटियेटर्स को ‘‘सामुदायिक मध्यस्थता मुकदमा मुक्त ग्रामीण भारत’’ के संदर्भ में प्रथम दिवस में प्रशिक्षित किया गया है।









