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धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों के लिए पारदर्शी व्यवस्था डिजिटल टोकन व्यवस्था से धान विक्रय करना हुआ आसान किसान तुहंर टोकन ऐप से घर बैठे 24×7 टोकन काटने की सुविधा

शासन निर्देशानुसार जिले में धान उपार्जन व्यवस्था को पारदर्शी, सरल एवं किसान हितैषी बनाया गया है। धान उपार्जन केन्द्रों पर सुव्यवस्था, डिजिटल तकनीक के उपयोग और समयबद्ध प्रक्रिया से किसानों को अपनी उपज विक्रय करने में सहूलियत मिल रही है।
ग्राम पंचायत करजी के लघु सीमांत किसान  सूरज राजवाड़े ने धान खरीदी व्यवस्था की सराहना करते हुए बताया कि उनके पास कुल 166 क्विंटल धान का रकबा है। उन्होंने किसान तुहंर टोकन ऐप के माध्यम से घर बैठे ही ऑनलाइन टोकन कटवाया। श्री राजवाड़े ने बताया कि मोबाइल से टोकन काटने की सुविधा मिलने से समिति कार्यालय में अनावश्यक भीड़ नहीं होती और किसानों का बहुमूल्य समय बचता है। डिजिटल प्रणाली के माध्यम से किसान अपनी सुविधा अनुसार टोकन प्राप्त कर रहे हैं, जिससे धान विक्रय की प्रक्रिया पहले की अपेक्षा कहीं अधिक सरल और सुगम हो गई है।
उन्होंने बताया कि निर्धारित तिथि पर करजी धान उपार्जन केन्द्र पहुंचने पर उन्हें तुरंत गेट पास उपलब्ध कराया गया। इसके पश्चात धान की नमी का परीक्षण किया गया और बिना किसी विलंब के बारदाना उपलब्ध कराया गया। सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली के कारण धान तौल एवं विक्रय की प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हुई और किसानों को अनावश्यक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ी।
श्री राजवाड़े ने बताया कि धान उपार्जन केन्द्र में किसानों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। केन्द्र में पेयजल की व्यवस्था के साथ-साथ छायादार बैठने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे किसानों को प्रतीक्षा के दौरान असुविधा न हो। साथ ही समिति के कर्मचारी पूरे सहयोग और मार्गदर्शन के साथ किसानों की सहायता कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा धान का सर्वाधिक मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी की जा रही है। इस निर्णय से किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है और उनकी आय में वृद्धि हो रही है।  राजवाड़े ने कहा कि बेहतर मूल्य मिलने से खेती अब फायदेमंद बन रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
कृषक श्री सूरज राजवाड़े ने धान खरीदी की व्यवस्था को सराहनीय बताते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पारदर्शी एवं डिजिटल धान खरीदी व्यवस्था से किसान वर्ग स्वयं को सम्मानित और सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

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