
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा टी.बी. मुक्त ग्राम पंचायत घोषित करने के लिए कुछ आवश्यक मापदंड तय किए गए हैं, जिसमें प्रति 1000 जनसंख्या पर 1 से कम टी.बी. मरीज होना। टी.बी. के मरीजों का शत-प्रतिशत इलाज व स्वस्थ होना चाहिए। शासन की पौष्टिक आहार योजना का सभी मरीजों को लाभ मिलना। सभी मरीजों की दवाओं के प्रति संवेदनशीलता की जांच। सामान्य जनसंख्या के 30 प्रतिशत का बलगम जांच होना प्रमुख हैं।
विकासखंडवार टी.बी. मुक्त पंचायतों की संख्या
अम्बिकापुर में 101 में से 71 ग्राम पंचायत, लुण्ड्रा में 77 में से 50 ग्राम पंचायत, बतौली में 42 में से 25 ग्राम पंचायत, सीतापुर में 42 में से 20 ग्राम पंचायत, मैनपाट में 44 में से 22 ग्राम पंचायत, लखनपुर में 74 में से 36 ग्राम पंचायत और उदयपुर में 59 में से 30 ग्राम पंचायत टीवी मुक्त घोषित हुए हैं।
टी.बी मुक्त ग्राम पंचायत होंगे सम्मानित
टी.बी. मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों को महात्मा गांधी की कांस्य प्रतिमा व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। क्षय रोग के प्रति जनमानस में जागरूकता फैलाने हेतु नर्सिंग छात्र-छात्राओं द्वारा जागरूकता रैली भी निकाली गई। संगोष्ठी में उपस्थित सभी लोगों ने टी.बी. मरीजों के प्रति भेदभाव मिटाने, उनकी सहायता करने और सरगुजा को टी.बी. मुक्त बनाने की शपथ दिलाई गई।
जिले में वर्तमान में टी.बी. के 1,742 मरीजों की पहचान कर उपचार किया जा रहा है। प्रत्येक 1 लाख की जनसंख्या पर 3,000 बलगम जांच की जा रही है। खांसी के संदेहास्पद सभी मरीजों का मोलेकुलर पीसीआर टेस्ट के माध्यम से सूक्ष्मतम कीटाणुओं की पहचान की जा रही है।
सी.वाय. टी.बी. जांच की शुरुआत
विश्व क्षय दिवस पर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अविनाश मेश्राम द्वारा सी.वाय. टी.बी. जांच की शुरुआत की गई है। यह जांच उन लोगों के लिए उपयोगी है, जिनके शरीर में टी.बी. के कीटाणु हैं, लेकिन लक्षण नहीं दिख रहे। यह टीका स्वास्थ्य विभाग के सभी सदस्यों को लगाने की अपील की गई। सी.वाय.उच्च जोखिम समूह और टी.बी. मरीजों के संपर्क में रहने वाले परिवारों को यह निःशुल्क लगाया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर अमृतलाल ध्रुव, सुनील कुमार नायक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी.एस. मार्को, सिविल सर्जन डॉ. जे.के. रेलवानी, संयुक्त संचालक एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. रमेश आर्या, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. पुष्पेंद्र राम, जिला कार्यक्रम समन्वयक बनवासी यादव, अभिषेक सिंह, श्रवण खुटे, संजय श्रीवास्तव, राजेश सिन्हा, संजय ताण्डी, सिन्नीचंद महंत, विकास जयसवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।









