
Strait Of Hormuz: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया के तनाव के बीच बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अब दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को खोलने का वक्त आ गया है. उन्होंने शनिवार (स्थानीय समय) को जॉइंट बेस एंड्रयूज (JBA) पर मीडिया से बातचीत में कहा कि ईरान सैन्य रूप से हार चुका है, इसलिए अब अमेरिका इस समुद्री रास्ते को खोलकर रहेगा. ट्रंप ने जोर देकर कहा कि इसके लिए उन्हें किसी डील का इंतजार नहीं है, यह काम समझौते के साथ या उसके बिना भी किया जाएगा
ईरान ने रखी दो बड़ी शर्तें
दूसरी ओर, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालीबाफ के नेतृत्व में एक हाई-लेवल डेलिगेशन शुक्रवार देर रात पाकिस्तान पहुंच गया. ईरानी मीडिया ‘प्रेस टीवी’ के अनुसार, इस टीम में विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची, सुरक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदियान और सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दुलनासिर हम्मती जैसे बड़े नाम शामिल हैं. गालीबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर स्पष्ट किया कि बातचीत शुरू होने से पहले दो शर्तें पूरी होनी चाहिए: पहला लेबनान में सीजफायर और दूसरा ईरान के रोके गए फंड को वापस करना.
सीजफायर को लेकर अमेरिका-ईरान के बीच उलझन
अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के अस्थाई युद्धविराम (सीजफायर) को लेकर अभी भी कन्फ्यूजन बना हुआ है. ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग’ (IRIB) की रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान का मानना है कि इस समझौते में लेबनान में इजरायली हमले रुकना भी शामिल है. हालांकि, अमेरिका और इजरायल ने साफ कर दिया है कि हिजबुल्ला के खिलाफ ऑपरेशन इस सीजफायर का हिस्सा नहीं है. इसी खींचतान के बीच जेडी वेंस ने कहा है कि अगर ईरान ईमानदारी से बात करेगा तो अमेरिका हाथ मिलाने को तैयार है, लेकिन किसी भी तरह की चालाकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.






