
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने ग्लोबल ऑयल मार्केट में हलचल मचा दी है. एयर फोर्स वन (राष्ट्रपति का विमान) में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि भारत के साथ वेनेजुएला का तेल खरीदने की डील ‘पक्की’ हो गई है. उन्होंने यह भी कहा कि चीन चाहे तो वह भी इस लाइन में लग सकता है.
भारत के लिए क्या है ‘कॉन्सेप्ट ऑफ द डील’?
ट्रंप ने साफ-साफ कहा है कि हमने भारत के साथ एक डील का कॉन्सेप्ट तैयार कर लिया है. अब भारत ईरान के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा. हालांकि, ट्रंप ने यह नहीं बताया कि यह डील कब और कैसे पूरी तरह लागू होगी. मजेदार बात यह है कि भारत सरकार ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक रिएक्शन नहीं दिया है.
रूस के तेल का विकल्प ढूंढ रहा अमेरिका?
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका चाहता है कि भारत रूस से तेल खरीदना कम कर दे. इसके बदले में अमेरिका ने भारत को वेनेजुएला का तेल ऑफर किया है. बता दें कि यूक्रेन युद्ध के बाद से भारत ने रूस से बहुत ज्यादा तेल खरीदना शुरू कर दिया था, जो अब भारत की कुल जरूरत का लगभग 30% है.
ईरान से क्यों टूटा भारत का नाता?
एक समय था जब ईरान भारत का टॉप तेल सप्लायर हुआ करता था. ब्लूमबर्ग और सरकारी आंकड़ों के अनुसार:
- 2007-08: भारत अपनी जरूरत का 13% तेल ईरान से लेता था.
- 2018-19: भारत ने करीब 12.3 डॉलर बिलियन का तेल ईरान से मंगाया.
- अभी का हाल: अमेरिका के कड़े प्रतिबंधों की वजह से यह घटकर सिर्फ 0.04% रह गया है.
अब अमेरिका चाहता है कि भारत इस कमी को वेनेजुएला के तेल से पूरा करे, जिस पर अब अमेरिका का कंट्रोल है.
वेनेजुएला में अमेरिका का ‘कब्जा’ और 5.2 डॉलर बिलियन की डील
ट्रंप ने बताया कि वेनेजुएला की नई ‘अंतरिम सरकार’ (जो पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के हटने के बाद बनी है) ने अमेरिका को 5 करोड़ बैरल तेल ऑफर किया है. इसकी कीमत करीब 5.2 डॉलर बिलियन है. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने हमसे पूछा कि क्या आप तेल लेंगे? मैंने कहा- बिल्कुल लेंगे.
न्यूयॉर्क के न्यूज आउटलेट सेमाफोर की रिपोर्ट के अनुसार:
- अमेरिका ने वेनेजुएला के तेल की पहली सेल 500 डॉलर मिलियन में कर भी दी है.
- इस तेल से होने वाली कमाई फिलहाल अमेरिका के कंट्रोल वाले बैंक अकाउंट्स में रखी जा रही है.
- इसका मुख्य अकाउंट कतर में बताया जा रहा है.
चीन का पत्ता कटा, अमेरिका बना ‘नया बॉस’
शिपिंग डेटा और ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट बताती है कि वेनेजुएला के तेल बाजार में बड़ा बदलाव आया है:
- अमेरिका वेनेजुएला से करेगा तेल इंपोर्ट: अमेरिका अब वेनेजुएला से हर दिन करीब 2.75 लाख बैरल तेल इंपोर्ट करने वाला है. यह पिछले महीने के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा है.
- चीन को झटका: जो चीन पहले वेनेजुएला से भारी मात्रा में तेल लेता था, उसका इंपोर्ट अब ‘जीरो’ हो गया है. इसीलिए ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा कि चीन भी आकर हमसे डील कर सकता है.







