Ro no D15139/23

​छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता में सुधार: सुशासन, डिजिटलीकरण और जन-राहत का नया सवेरा

 

 


रायपुर, 03 अगस्त 2026/ राजस्व प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण एक ऐसी व्यवस्था है जिसके माध्यम से भूमि रिकॉर्ड, नामांतरण और रजिस्ट्री जैसे कार्य ऑनलाइन और पारदर्शी बनाए गए हैं। इसके मुख्य लाभों में ऑटो म्यूटेशन, मोबाइल ऐप से रिकॉर्ड डाउनलोड और डिजिटल भुगतान शामिल हैं।

​ आम जनता के लिए राजस्व विभाग से जुड़े काम हमेशा से पेचीदा और समय लेने वाले माने जाते रहे हैं। जमीन के नामांतरण से लेकर कोर्ट के चक्कर काटने और नामांतरण-सीमांकन में होने वाली देरी से आम नागरिक अक्सर परेशान रहता था। इसी प्रशासनिक जटिलता को समाप्त कर प्रक्रिया को पारदर्शी, सुलभ और जन-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 में कई युगांतरकारी और जनोन्मुख संशोधन किए हैं। यह सुधार न केवल आधुनिक दौर की डिजिटल जरूरतों को पूरा करते हैं, बल्कि राज्य में सुशासन की नींव को और अधिक मजबूत करते हैं।

​इन संशोधनों की सबसे बड़ी खासियत राजस्व प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण है। अब धारा 33 के तहत नोटिस और आधिकारिक सूचना प्रेषित करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को कानूनी मान्यता दे दी गई है। इसके साथ ही, धारा 30 में संशोधन करते हुए राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए अभिलेखों, प्रकरणों और फाइलों के डिजिटल प्रेषण को अनिवार्य किया गया है। इतना ही नहीं, भूमि सीमांकन और नक्शों से जुड़ी विवादित स्थितियों से निपटने के लिए धारा 107 के तहत अधिसूचित जिओ-रेफ्रेंस्ड (Geo-Referenced) नक्शों को अधिमान्यता दी गई है, जिससे जमीन से जुड़े सटीक आंकड़े और सीमांकन पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हो सकेंगे।

जमीनों के अनावश्यक विखंडन और भू-अर्जन के दौरान होने वाले फर्जीवाड़े पर लगाम कसने के लिए भी कड़े कदम उठाए गए हैं। धारा 70 में किए गए संशोधन के अनुसार अब 05 डिसमिल से कम कृषि भूमि के बंटवारे पर रोक लगा दी गई है, ताकि कृषि जोत का आकार व्यावहारिक बना रहे। वहीं धारा 165, 172 और 178 में बदलाव कर यह सुनिश्चित किया गया है कि भू-अर्जन (Land Acquisition) की प्रक्रिया के लिए अधिसूचना या आशय पत्र जारी होते ही संबंधित भूमि के अंतरण, व्यपवर्तन (Divergent) और खाता विभाजन पर तुरंत रोक लग जाए, जिससे किसी भी तरह के अवैध लाभ या धोखाधड़ी की गुंजाइश न रहे।

​ आम जनता को सबसे बड़ी राहत जमीन के नामांतरण (Mutation) और पारिवारिक उत्तराधिकार के नियमों में मिली है। धारा 110 में किए गए क्रांतिकारी संशोधनों के तहत अब ‘स्वतः नामांतरण’ (Auto e-Mutation) की व्यवस्था की गई है, जिसके अंतर्गत पंजीयन (रजिस्ट्री) विभाग को ही नामांतरण का वैधानिक अधिकार दे दिया गया है। यानी अब रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण की प्रक्रिया भी सुगम हो जाएगी। इसके अलावा, राजस्व अभिलेखों में सूचीबद्ध विधिक वारिसानों के पक्ष में स्वतः ई-नामांतरण का प्रावधान किया गया है। अब भूमि स्वामी को यह अधिकार भी मिल गया है कि वह अपने जीवनकाल में ही अपने कानूनी वारिसों के नाम राजस्व अभिलेखों में सूचीबद्ध करा सके, जिससे भावी पीढ़ी को पारिवारिक विवादों और कोर्ट-कचहरी के चक्करों से हमेशा के लिए मुक्ति मिल सकेगी।

​ संक्षेप में कहें तो, छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 में किए गए ये संशोधन केवल नियमों का बदलाव भर नहीं हैं, बल्कि यह आम जनता के समय, धन और मानसिक तनाव को बचाते हुए एक पारदर्शी, तकनीक-संचालित और जन-हितैषी राजस्व व्यवस्था की स्थापना की दिशा में राज्य सरकार का एक मील का पत्थर है।

  • Related Posts

    विश्व हिंदू परिषद ने किया सदबुद्धि हवन, पप्पू यादव पर भड़के महंत वेदप्रकाश कहा रावण जैसे नास होगा

        भगवान श्री राम और भगवा विरोधियों के विरोध में बजरंग दल का सतबुद्धि हवन व आक्रोश प्रदर्शन* *हमें भाषाई व संवैधानिक मर्यादाओं के दायरे से बाहर जाने पर…

    Read more

    शासकीय पॉलीटेक्निक जशपुर में प्रवेश की अंतिम तिथि 11 अगस्त तक

    जशपुरनगर 02 अगस्त 2026/ सत्र 2026-27 में छ.ग. राज्य की पॉलीटेक्निक संस्थाओं के डिप्लोमा इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु ऑनलाइन काउंसलिंग की पंजीयन प्रक्रिया प्रारंभ हो रही है। CGIT, Jashpur…

    Read more

    NATIONAL

    LIVE: उत्तर प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र का प्रथम दिवस

    LIVE: उत्तर प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र का प्रथम दिवस

    Parliament Live : राम मंदिर चंदा विवाद पर चर्चा की मांग, कांग्रेस ने राज्यसभा में दिया नोटिस

    Parliament Live : राम मंदिर चंदा विवाद पर चर्चा की मांग, कांग्रेस ने राज्यसभा में दिया नोटिस

    बीजेपी का राहुल गांधी पर वार, साक्षी महाराज बोले- विदेशी नारी से पैदा हुआ बालक राष्ट्रभक्त नहीं हो सकता

    बीजेपी का राहुल गांधी पर वार, साक्षी महाराज बोले- विदेशी नारी से पैदा हुआ बालक राष्ट्रभक्त नहीं हो सकता

    आपत्तिजनक टिप्पणी मामला : नाबालिग लड़की को राहत, पीएम मोदी की माफी के बाद केस वापस

    आपत्तिजनक टिप्पणी मामला : नाबालिग लड़की को राहत, पीएम मोदी की माफी के बाद केस वापस

    “मैं निराश हो चुका हूं”: शहजाद पूनावाला ने पीएम मोदी को बताया फेलियर, कहा- राहुल गांधी से सीखिए

    “मैं निराश हो चुका हूं”: शहजाद पूनावाला ने पीएम मोदी को बताया फेलियर, कहा- राहुल गांधी से सीखिए

    राहुल गांधी का हमला, कहा- छात्रों को प्रधानमंत्री की माफी की जरूरत नहीं, मोदी जी को माफी मांगनी चाहिए

    राहुल गांधी का हमला, कहा- छात्रों को प्रधानमंत्री की माफी की जरूरत नहीं, मोदी जी को माफी मांगनी चाहिए