
अम्बिकापुर 14 मई 2026/ भारत सरकार द्वारा खरीफ मौसम 2026 की पूर्व तैयारियों के लिए “विकसित कृषि संकल्प अभियान” संचालित किया जा रहा है। यह अभियान 05 मई 2026 से 20 मई 2026 तक जिले में चलाया जा रहा है। अभियान के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, मृदा स्वास्थ्य, प्राकृतिक खेती एवं शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की जा रही है।
कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार सरगुजा जिले के सभी 07 विकासखंडों में व्यापक स्तर पर अभियान संचालित किया जा रहा है। निर्धारित कार्यक्रम अनुसार प्रत्येक विकासखंड में प्रतिदिन 02 कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस प्रकार जिले में कुल 166 कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं, जिनमें से अब तक 70 कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न किए जा चुके हैं। इन कार्यक्रमों में किसानों को खरीफ पूर्व तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
अभियान के तहत किसानों को कतार बोनी, पैडी ट्रांसप्लांटर, कृषि मशीनीकरण एवं उन्नत कृषि तकनीकों के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। साथ ही मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर संतुलित उर्वरक उपयोग तथा डीएपी के विकल्प के रूप में एसएसपी जैसे उर्वरकों के उपयोग की जानकारी भी दी जा रही है।
किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने के लिए हरी खाद, केंचुआ खाद एवं जैव उर्वरकों के उपयोग हेतु प्रेरित किया जा रहा है। अभियान के दौरान किसानों को आत्मनिर्भर दलहन-तिलहन मिशन, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं एग्रीस्टैक (फार्मर आईडी) जैसी योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की जा रही है। जिले में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान पीएम किसान योजना अंतर्गत अब तक कुल 237 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है तथा किसानों की अन्य समस्याओं का भी समाधान किया जा रहा है।
प्रत्येक विकासखंड में 02 टीमों का गठन किया गया है, जिनमें कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के वैज्ञानिकों सहित कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के अधिकारी शामिल हैं। ये टीमें प्रतिदिन निर्धारित ग्राम पंचायतों में पहुंचकर कृषि-वैज्ञानिक परिचर्चा के माध्यम से किसानों को तकनीकी सलाह प्रदान कर रही हैं।
अभियान के अंतर्गत ड्रोन तकनीक का प्रदर्शन, फसल चक्र परिवर्तन, मक्का, लघु धान्य एवं तिलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने तथा पराली प्रबंधन संबंधी जानकारी भी किसानों को दी जा रही है। किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान एवं मल्चर जैसे कृषि यंत्रों के उपयोग के संबंध में भी जागरूक किया जा रहा है।









