
देश तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार है और जल्दी ही तीसरा सबसे बड़ा समग्र हवाई यात्री बाजार बनने की ओर अग्रसर है: राम मोहन नायडू
नई दिल्ली। भारत सरकार के नागर विमानन मंत्रालय ने माननीय मंत्री श्री राम मोहन नायडू के नेतृत्व में फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के सहयोग से नई दिल्ली के होटल ताज पैलेस में एशिया के सबसे बड़े नागरिक उड्डयन कार्यक्रम विंग्स इंडिया 2026 के एक पूर्वावलोकन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर माननीय नागर विमानन राज्य मंत्री श्री मुरलीधर मोहोल; नागर विमानन सचिव श्री समीर कुमार सिन्हा; भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री विपिन कुमार; बीसीएएस के महानिदेशक श्री राजेश निरवान; फिक्की नागर विमानन समिति के अध्यक्ष श्री रेमी मैलार्ड; फिक्की की महानिदेशक सुश्री ज्योति विज भी उपस्थित थीं।
इस कार्यक्रम में विंग्स इंडिया 2026 की विवरणिका का विमोचन, प्रचार वीडियो का विमोचन और विंग्स इंडिया 2026 मोबाइल ऐप का आधिकारिक अनावरण भी किया गया। इसका उद्देश्य विश्व भर के हितधारकों की भागीदारी और सहभागिता को सुविधाजनक बनाना है।
अपने मुख्य भाषण में, भारत सरकार के माननीय केंद्रीय नागर विमानन मंत्री, श्री किंजरापु राममोहन नायडू ने भारत की उल्लेखनीय विमानन विकास यात्रा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि देश तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन गया है और जल्दी ही तीसरा सबसे बड़ा समग्र हवाई यात्री बाजार बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार आधुनिकीकरण , भविष्य की तकनीकों को अपनाने और अंतिम-मील कनेक्टिविटी पर ध्यान केंद्रित करते हुए विकसित भारत @2047 की परिकल्पना को साकार करने के लिए एक स्पष्ट योजना के साथ काम कर रही है।
माननीय मंत्री राम मोहन नायडू ने विंग्स इंडिया 2026 की थीम-“भारतीय विमानन: भविष्य का मार्ग प्रशस्त करना- डिजाइन से लेकर नियोजन तक, विनिर्माण से लेकर रखरखाव तक, समावेशिता से लेकर नवाचार और सुरक्षा से लेकर स्थिरता तक” की भी घोषणा की। मंत्री ने अवसरों, निष्पक्ष नीतियों और ईमानदार भागीदारी से भरी असीमित संभावनाओं वाले वैश्विक विमानन के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। माननीय मंत्री ने कहा, “मुझे विश्वास है कि विंग्स 2026 अपनी विरासत को आगे बढ़ाएगा जिसमें भारत और विश्व भर के उद्योग भागीदारों और विमानन उत्साही लोगों की और भी अधिक भागीदारी होगी। मैं विंग्स इंडिया 2026 को एक आयोजन से कहीं अधिक मानता हूं- यह एक परिकल्पना है, वैश्विक विमानन क्षेत्र में न केवल भाग लेने बल्कि इसका नेतृत्व करने की भारत की महत्वाकांक्षा की एक साहसिक घोषणा है।”







