मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव को विक्रम विश्वविद्यालय प्रदान करेगा डी लिट् उपाधि

रामचंद्र मिशन हार्टफुलनेस संस्थान के कमलेश डी. पटेल को भी “वसुधैव कुटुंबकम्” की भावना को वैश्विक स्तर पर प्रचारित करने के लिए प्रदान की जा रही डी.लिट मानद उपाधि

दीक्षांत समारोह में दिखेगी विक्रम विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा

70 विद्यार्थियों को उपाधि और 99 विद्यार्थियों को मेडल और 2 शोधार्थियों को डी लिट् उपाधि प्रदान की जाएगी

भोपाल । विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के इतिहास में 30 मार्च 2025 चैत्र नववर्ष संवत् प्रतिपदा का दिन महत्वपूर्ण बनने जा रहा है जब अपनी अध्ययन शीलता ,शिक्षा और सुशासन के गुणों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण हस्ताक्षर बन चुके इसी विश्वविद्यालय के विद्यार्थी मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव और रामचंद्र मिशन हार्टफुलनेस संस्थान के वैश्विक अध्यक्ष कमलेश डी. पटेल को डी लिट् (मानद उपाधि) की उपाधि प्रदान की जाएगी । इससे पहले पूर्व तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी, जूना अखाड़े के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि, ले कर्नल राजवर्धन सिंह राठौर, पूर्व न्यायाधीश रमेशचंद्र लहोटी, सोमयाजी दीक्षित, इफको के प्रबंध निदेशक उदयशंकर अवस्थी, वरिष्ठ पत्रकार आलोक मेहता और पद्मभूषण डॉ. अनिल कोहली को यह उपाधि प्रदान की जा चुकी है।

विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलसचिव डाॅ अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि,30 मार्च को आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और कुलगुरू प्रो अर्पण भारद्वाज यह उपाधि प्रदान करेंगे । इस अवसर पर सांसद श्री अनिल फिरोजिया,राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज,उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार,प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल,विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा,जिले के विधायकगण और कार्यपरिषद सदस्य उपस्थित रहेंगे ।

गत वर्षों में विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित दीक्षांत समारोहों को ख्यातिप्राप्त विद्वानों ने संबोधित किया।इनमें श्री जवाहरलाल नेहरू, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, सर सीपी रामास्वामी अय्यर, डॉ. कालूलाल श्रीमाली, पं. द्वारकाप्रसाद मिश्र, पं. कुंजीलाल दुबे, बाबू जगजीवनराम, डॉ. गोविंद नारायण सिंह, श्रीमती महादेवी वर्मा, श्रीमती इंदिरा गांधी, डॉ. सरोजिनी महिषी, डॉ. गोपाल स्वरूप पाठक, प्रो. नुरुल हसन, डॉ. हरगोविंद खुराना और डॉ. सतीश चंद्रा, ए पी जे अब्दुल कलाम आदि शामिल हैं ।

विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के लिए यह दिन इसलिए महत्वपूर्ण है कि, मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव ने विद्यार्थी जीवन से इस विश्वविद्यालय को ऊंचाई पर ले जाने के लिए नये पाठ्यक्रमों को लागू करवाने के साथ ही इसकी लोकप्रियता को जन जन तक पहुंचाया और उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए केंद्र और राज्य की अनेक योजनाओं और कार्यों को लागू किया ।आज भी उनका लगाव इस विश्वविद्यालय के साथ अपनी मातृ संस्था के रूप मे होने के कारण यह विश्वविद्यालय डाॅ मोहन यादव के कारण भी पहचाने जाने लगा है ।

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