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खेल खेल में ग्रामीण सीख रहे हैं जल संरक्षण का महत्व नीमगांव में जल जागृति जशपुर अभियान विभिन्न नवाचारी तरीकों से सिखाये गए जल संरक्षण के तरीके

जिला पंचायत सीईओ सहित वाटर हीरो नीरज वानखेड़े एवं ग्रामीणों ने किया श्रमदान

जशपुरनगर  04 अप्रैल 2025/ जिले में जल एवं भूमि संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जल शक्ति मंत्रालय द्वारा चलाये जा रहे जल शक्ति अभियान के कैच द रैन पहल के अंतर्गत श्जल जागृति जशपुरश् अभियान प्रारम्भ किया गया है। इसके तहत शुक्रवार को जशपुर विकासखण्ड के ग्राम नीमगांव में जल जागृति शिविर एवं श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस शिविर में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने भाग लेते हुए ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व को उजागर करते हुए कहा कि जल एक अनमोल संसाधन है, आने वाले पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए जल का संरक्षण करना जरूरी है। इसी परिपेक्ष्य में इस तरह का आयोजन कर जल स्त्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के महत्व को बताया जा रहा है। उन्होंने जल स्त्रोतों के साथ साथ पानी के स्त्रोतों के रिचार्ज करने वाली नालों, जल वितरिकाओं, तालाबों, झिरिया, नालिकाओं को भी स्वच्छ रखने का संदेश दिया ताकि जल स्तर बना रहे।
इस अवसर पर भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा वाटर हीरो के रूप में सम्मानित जल प्रहरी नीरज वानखेड़े द्वारा मनोरंजक तरीकों से भूमि एवं जल संचयन के तरीकों से  ग्रामीणों को अवगत कराया गया। इसमें उन्होंने वीडियो, खेल एवं मॉडल के माध्यम से ग्रामीणों को जल संरक्षण के तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने लाइव मॉडल के माध्यम से जल संरक्षण की आवश्यकता को प्रदर्शित कर लोगों को इसके महत्व को दर्शाया।  उन्होंने सोख़्ता गड्ढा, बोर रिचार्ज, वाटर हार्वेस्टिंग, डिप सीसीटी, गेबियन स्ट्रक्चर, एलबीएस, मेढ़ बंधान आदि जल संरक्षण के तरीकों की ग्रामीणों को जानकारी दी। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि शारदा भगत, कृषि विभाग के कवच भगत सहित बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे एवं ग्रामीण कार्यक्रम में शामिल होंगे।
उल्लेखनीय है कि जल जागृति जशपुर अभियान के तहत एक माह तक सभी स्कूल, कॉलेजों एवं ग्रामीण संस्थाओं में जागरूकता हेतु जल जागृति शिविरों का आयोजन किया जाएगा। जिसमें गांव गांव में जाकर जल एवं भूमि संरक्षण तथा संवर्धन के प्रति जागरूकता लाने के साथ साथ नदी, नालों, जल वितरिकाओं, जल संभरण करने वाली अवनालिकाओं एवं जल स्त्रोतों के आस पास जन सहयोग से श्रमदान द्वारा सफाई की जाएगी। इसके अंतर्गत 05 अप्रैल को ग्राम घोलेंग, 06 अप्रैल को ग्राम बोकी में जागरूकता शिविर एवं श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

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