
भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (डब्ल्यू.डी.सी.दृपीएमकेएसवाई 2.0) अंतर्गत जल एवं भूमि संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने हेतु विकासखण्ड बगीचा के ग्राम बहोरा में वाटरशेड महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव के एक दिवस पूर्व तुन्दनाला में ग्रामीण जनभागीदारी के माध्यम से बोरीबंधान कार्य किया गया। महोत्सव का शुभारंभ विद्यालय विद्यार्थियों की प्रभात फेरी से हुआ, जिसमें बच्चों ने जल संरक्षण की महत्ता पर प्रभावशाली नारे लगाते हुए जागरूकता का संदेश दिया। मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य एवं कृषि स्थायी समिति के अध्यक्ष गेंदबिहारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। मितानिन दिदियों द्वारा स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में माध्यमिक शाला बहोरा के छात्र-छात्राओं ने निबंध लेखन, रंगोली एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। जलग्रहण विकास घटक अंतर्गत वाटरशेड समिति भादू में निर्मित स्टॉप डैम का लोकार्पण तथा वाटरशेड समिति चटकपुर के स्टॉप डैम कार्य का भूमिपूजन मुख्य अतिथि द्वारा संपन्न हुआ।
अपने उद्बोधन में गेंदबिहारी ने जल एवं मृदा संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए उपस्थित कृषकों एवं विद्यार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों एवं मितानिन दिदियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। अंतिम चरण में पानी की पाठशाला कार्यक्रम के अंतर्गत परियोजना अधिकारी कवच भगत ने जल संरक्षण की तकनीकों, संरचनाओं के रखरखाव तथा मृदा संवर्धन के उपायों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने उपस्थित सभी अतिथियों एवं ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया।
महोत्सव में जनप्रतिनिधि राजेंद्र मिंज, सरपंच लोरो ग्राम पंचायत संगीता भगत, सरपंच बहोरा ग्राम पंचायत ममता मिंज, भूतपूर्व सरपंच रविन्द्र कुजूर, गणमान्य नागरिक, विद्यालय शिक्षक, डब्ल्यू.डी.टी. सदस्य एवं जलग्रहण सचिव उपस्थित रहे।









