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कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी द्वारा किसानों को दी गई मौसम आधारित समसामयिक कृषि सलाह

राजनांदगांव 18 अगस्त 2026। कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी द्वारा किसानों को मौसम आधारित समसामयिक कृषि सलाह दी गई है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में घने बादल छाए रहने के साथ ही साथ मध्यम वर्षा होने की संभावना है। किसान को अभी उवर्रक व कीटनाशक का छिड़काव नहीं करने की सलाह दी गई है। वर्तमान में धान फसल निकलने की अवस्था में है। किसान सामान्य कृषि क्रियाओं का उपयोग करें। नत्रजन उवर्रक की दूसरी मात्रा का छिड़काव यूरिया (30 किलोग्राम प्रति हेक्टर) के रूप में करें।

धान में तना छेदक के लक्षण दिखाई देने पर कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड 50 डब्लूपी एक किलोग्राम प्रति हेक्टेयर या क्लोरेन्ट्रानिलीप्रोल 150 मिली प्रति हेक्टेयर की दर से 500 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। लाल केंचुआ कीट जिसे जड़ केंचुआ, लाल कीड़ा या घासी कीट भी कहा जाता है। मुख्य रूप से धान की रोपाई के 5 से 15 दिनों के भीतर हमला करता है। यह कीट अत्यधिक पानी एवं नमी वाले खेतों में पनपता है और पौधे की नई सफेद जड़ों से चिपककर फसलों को धीरे-धीरे कुतर देता है। इससे पौधे का पोषण रूक जाता है। कल्ले (फुटाव) नहीं बनते और फसल पीली होकर कमजोर हो जाती है। क्लोरपाइरीफॉश 50 प्रतिशत + साइपरमेथ्रिन 5 प्रतिशत ईसी (जैसे डॉक्टर 505) की 400-500 मिलीलीटर मात्रा को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ स्प्रे करें। यह मिट्टी में गैस बनाकर (फ्यूमिगेंट एक्शन) कीटों का दम घोट देता है या इमिडाक्लोप्रिड 19.81 प्रतिशत एवं बीटा-सायफ्लुथ्रिन 8.49 प्रतिशत (सोलोमन कीटनाशक) 100 मिलीलीटर प्रति एकड़ की दर से स्प्रे करें। यह जड़ों तक पहुंचकर रस चूसने वाले कीड़ों को तुरंत लकवाग्रस्त कर देता है। धान में शीथ ब्लाइट रोग के लक्षण दिखाई देने पर हेक्साकोनाजोल नामक कवकनाशी 1 ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से छिड़काव करें।

धान में जीवाणु जनित झुलसा रोग के रोकथाम के लिए संतुलित उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए। रोग होने की दशा में पोटाश का उपयोग 8-10 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। नत्रजन का छिड़काव कुल अनुशंसित मात्रा की एक चौथाई मात्रा 30 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर, रोपाई के 25-30 दिनों के बाद यूरिया के रूप में छिड़काव करें। इसके बाद खेतों में पानी लगभग 24 घंटे तक रोककर रखें। पोटाश की शेष 25 प्रतिशत मात्रा रोपाई के 25-30 दिनों के बाद छिड़काव करें। खरपतवार नियंत्रण हेतु धान की रोपाई के 20-25 दिन के भीतर 15 लीटर क्षमता वाले स्प्रेयर में 25 स्प्रेयर उपयोग करें। आवश्यकतानुसार खरपतवारनाशी बिसपायरिबेक सोडियम 200-250 ग्राम प्रति हेक्टेयर का छिड़काव करें।

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