
वैक्सीन प्रिवेंशन डिजीज अंतर्गत SMO के द्वारा, मिजिल्स रुबेला सर्विलेंस,AFP, गलघोंटू, कुकुर खांसी, काली खासी, नवजात टेटनस, धनुषटंकार इत्यादि बीमारियों पर विस्तार से चर्चा की गई एवं सर्विलेंस के महत्व को समझाया गया। साथ ही टीकाकरण के बाद होने वाली प्रतिकूल प्रभाव के बारे में जानकारी देते हुए एनाफिलेक्सिस और इसके किट के बारे में समझाया गया।
वर्क शाप में प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने प्री एवं पोस्ट पेपर को हल किया। इस प्रशिक्षण को प्राप्त करने के उपरांत उपरोक्त सभी डिजीज के लिए सर्विलेंस में तेजी आएगी। टीकाकरण कार्यकम की विगत 3 माह की उपलब्धि की समीक्षा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मिथलेश चौधरी द्वारा की गई गया। सभी विकासखंड के बीएमओ को आनुपातिक लक्ष्य के अनुरूप आगामी महीनों में शत प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने हेतु सीएमएचओ डॉ चौधरी जी द्वारा निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ श्वेता सोनवानी सहित संबंधित अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।









