Thursday, June 20

नवंबर में थोक महंगाई दर में आश्‍चर्यजनक रूप से कमी देखी गई है, 21 महीने का सबसे निचला स्‍तर है.      

21 महीने के निचले स्‍तर पर आई थोक महंगाई दर, नवंबर में 5.85 फीसदी पर रही

  नवंबर में थोक महंगाई दर में आश्‍चर्यजनक रूप से कमी देखी गई है. यह घटकर 5.85 प्रतिशत के स्‍तर पर आ गई है जो 21 महीने का सबसे निचला स्‍तर है. कॉमर्स मिनिस्‍ट्री ने आज थोक महंगाई दर के आंकड़े जारी किए हैं. दो महीने पहले थोक महंगाई दर (WPI Inflation) 10.55 प्रतिशत के स्‍तर पर थी और नवंबर में इसमें 4.70 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. अक्टूबर महीने में थोक महंगाई दर 8.39 फीसदी रही थी तो एक पूर्व नवंबर 2021 में थोक महंगाई दर 14.87 फीसदी थी.

कॉमर्स मंत्रलाय की ओर से बुधवार जारी किए गए आंकड़ें के अनुसार, महीने दर महीने WPI index में परिवर्तन हुआ है. अक्टूबर में WPI index में 0.39 फीसदी की ग्रोथ देखी गई थी, लेकिन वहीं नवंबर में 0.26 फीसदी की कमी आई है. नवंबर माह मे गिरावट का मुख्य वजह खाद्य वस्तुएं, बुनियादी धातु, कपड़ा, रसायन और रासायनिक उत्पादों में गिरावट के कारण हुआ है. फरवरी 2021 के बाद ये पहला मौका है जब थोक महंगाई दर खुदरा महंगाई दर के नीचे फिसला है.

थोक महंगाई दर में गिरावट की मुख्य वजह खाद्य महंगाई में गिरावट है जो 22 महीने के निचले लेवल 2.17 फीसदी पर आ चुका है. जबकि अक्टूबर 2022 में खाद्य महंगाई दर 6.48 फीसदी पर थी. वहीं फूड इंडेक्स महीने दर महीने 1.8 फीसदी पर आ चुकी है.

मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स की महंगाई भी घटकर 3.59 फीसदी पर आ गई है जो पहले 4.42 फीसदी पर थी. ईंधन और बिजली की महंगाई दर भी अक्टूबर के 23.17 फीसदी से घटकर नवंबर में 17.35 फीसदी पर गई है.

सोमवार 12 दिसंबर को खुदरा महंगाई दर के आंकड़े घोषित हुए थे जिसमें बताया गया कि ये घटकर 5.88 फीसदी पर आ गया है जो आरबीआई के टोलरेंस बैंड की ऊपरी सीमा 6 फीसदी के नीचे है. आरबीआई ने 2-6 फीसदी महंगाई दर का टोलरेंस बैंड फिक्स किया हुआ है. खुदरा और थोक महंगाई दर सरकार से लेकर आरबीआई के राहत लेकर आया है.

 

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