Ro no D15139/23

होमगार्ड विभाग में महिला एवं पुरुष नगर सैनिकों की लिखित परीक्षा 22 जून को

व्यापम द्वारा  किए जाएंगे चार जिलों में परीक्षा आयोजित

अम्बिकापुर 11 अप्रैल 2025/ होमगार्ड विभाग द्वारा 1715 महिला नगर सैनिकों (छात्रावास ड्यूटी) तथा 500 नगर सैनिकों (जनरल ड्यूटी) के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु लिखित परीक्षा 22 जून 2025 को छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा राज्य के चार जिलों रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर एवं अंबिकापुर में संपादित होगी।
होमगार्ड विभाग में 1715 महिला नगर सैनिकों (छात्रावास ड्यूटी) तथा 500 नगर सैनिकों (जनरल ड्यूटी) के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु वर्ष 2024 में शारीरिक मापजोख एवं दक्षता परीक्षा चार संभागीय केंद्रों में रायपुर बिलासपुर, जगदलपुर एवं अंबिकापुर में आयोजित की गई थी। जिसमें पात्र 20,137 अभ्यर्थी को लिखित परीक्षा के लिए चयनित किया गया है। चयनित सभी अभ्यर्थियों की सूची विभागीय वेबसाइट  https:firenoc.cg.gov.in पर उपलब्ध है। चयनित सभी अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा हेतु प्रवेश पत्र के लिए छत्तीसगढ़ व्यापम वेबसाइट https://vyapamcg.cgstate.gov.in      लिंक में जाकर पंजीयन करना अनिवार्य होगा। विभाग द्वारा आवंटित एप्लीकेशन आईडी एवं जन्म तिथि डालकर अभ्यर्थी छत्तीसगढ़ व्यापम की वेबसाइट पर लिखित परीक्षा हेतु आवेदन करेंगे। व्यापम द्वारा पंजीयन नंबर पर ही लिखित परीक्षा हेतु अभ्यर्थी को प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा। जिन पात्र अभ्यर्थी द्वारा छत्तीसगढ़ व्यापम की वेबसाइट में जाकर पंजीयन एवं आवेदन सबमिट नहीं किया जाएगा वे अभ्यर्थी लिखित परीक्षा से वंचित होंगे। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी अभ्यर्थी की स्वयं की होगी तथा इस संबंध में कोई पत्राचार स्वीकार नहीं होंगे। अभ्यर्थी द्वारा होमगार्ड विभाग के वेबसाइट पर पूर्व में जमा किए गए ऑनलाइन आवेदन पत्र में किसी भी तरह का सुधार या संशोधन किए जाने की अनुमति नहीं होगी। व्यापम की वेबसाइट पर आवेदन पत्र को सफलतापूर्वक सबमिट करना अनिवार्य है। लिखित परीक्षा कार्यक्रम व्यापम वेबसाइट पर पंजीयन उपरांत ऑनलाइन आवेदन सबमिट करने की प्रारंभिक तिथि 16 अप्रैल 2025 है। व्यापम वेबसाइट पर पंजीयन उपरांत ऑनलाइन आवेदन सबमिट करने की अंतिम तिथि 30 मई 2025 शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है। परीक्षा तिथि 22 जून 2025, परीक्षा का समय पूर्वाहन 2 घंटे की होगी। प्रवेश पत्र जारी करने की तिथि 13 जून 2025 को एवं परीक्षा केंद्र रायपुर, बिलासपुर जगदलपुर एवं अंबिकापुर में परीक्षा आयोजित होंगे।

  • Related Posts

    हर्बल रंगों से सजेगी की होलीः बिहान समूह की दीदियाँ तैयार कर रहीं प्राकृतिक गुलाल हर्बल गुलाल से आत्मनिर्भर बन रहीं बिहान की दीदियाँ, होली पर हर्बल गुलाल की बढ़ी मांग

     गेंदे एवं पलाश के फूल, चुकंदर, पालक भाजी, हल्दी और चंदन से बना गुलाल बाजारों में उपलब्ध अम्बिकापुर 02 मार्च 2026/  होली पर्व के साथ जहां बाजारों में रंगों की रौनक…

    Read more

    धरती आबा जनजाति उत्कर्ष अभियान योजना के तहत बकरी इकाई वितरण हेतु खुला बाजार 13 मार्च को

      अम्बिकापुर 02 मार्च 2026/  पशु चिकित्सा सेवाएं के उप संचालक ने बताया कि  छत्तीसगढ़ शासन की “धरती आबा जनजाति उत्कर्ष अभियान“ योजना के तहत चयनित 11 हितग्राहियों को बकरी इकाई…

    Read more

    NATIONAL

    गरीब पोराबाई फंसी-केजरीवाल को मोदी ने छुड़वाया,गले मिले या पड़े-लखमा, खबरदार-‘खामोश’ मत कहना, हैं, बेहद अश्लील धुरंधर-बोथरी सेंसर की धार-वंचित रहे परिवार वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    गरीब पोराबाई फंसी-केजरीवाल को मोदी ने छुड़वाया,गले मिले या पड़े-लखमा, खबरदार-‘खामोश’ मत कहना, हैं, बेहद अश्लील धुरंधर-बोथरी सेंसर की धार-वंचित रहे परिवार वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    सोनिया गांधी ने किया सवाल, खामेनेई की हत्या पर सरकार चुप्प क्यों?

    सोनिया गांधी ने किया सवाल, खामेनेई की हत्या पर सरकार चुप्प क्यों?

    सऊदी, कुवैत में US एंबेसी पर ईरान का हमला, अमेरिका बोला- इन 15 देशों को तुरंत छोड़ दें अमेरिकी

    सऊदी, कुवैत में US एंबेसी पर ईरान का हमला, अमेरिका बोला- इन 15 देशों को तुरंत छोड़ दें अमेरिकी

    पटना महावीर मंदिर के ज्योतिषाचार्य ने तय किया ग्रहण और भद्रा काल के बीच होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

    पटना महावीर मंदिर के ज्योतिषाचार्य ने तय किया ग्रहण और भद्रा काल के बीच होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

    पीएम मोदी ने बेंजामिन नेतन्याहू से की बात, कहा- शांति बहाली के प्रयास तेज किए जाने चाहिए

    पीएम मोदी ने बेंजामिन नेतन्याहू से की बात, कहा- शांति बहाली के प्रयास तेज किए जाने चाहिए

    ईरान पर हमले से बढ़ी वैश्विक अनिश्चितता, पढ़ें पूर्व विदेश सचिव शशांक का आलेख

    ईरान पर हमले से बढ़ी वैश्विक अनिश्चितता, पढ़ें पूर्व विदेश सचिव शशांक का आलेख