
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में योग ओलम्पियाड की शुरूआत जशपुर से होगी। समाज कल्याण विभाग के द्वारा योगासन कार्यक्रम का आयोजन कर शहरांे से लेकर गांवों तक योग से होने वाले लाभों की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जा रही है। योग का जन्म भारतभूमि पर हुआ है। यह हमारे ऋषि-मुनियों के द्वारा खोजी गई विधा है, इस विधा का लाभ आज संपूर्ण विश्व को मिल रहा है। योग के यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, साधना, समाधि है। उन्होंने कहा कि शालेय छात्रों के जीवन चर्या में योग को शामिल करने के लिए कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसके लिए एक साकारात्मक महौल बनाया जाएगा, ताकि लोग स्वमेंव इससे जुड़कर इसका लाभ ले सके। उन्होंने कहा कि योग आयोग के तत्वाधान में गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान स्वस्थ प्रसव हेतु आवश्यक योगाभ्यास सिखाने हेतु पूर्व में भी अभियान चलाया गया था। जिसके साकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। वन्य क्षेत्रों मे भी ग्रामीणों को योग से जोड़ने के लिए आयोग के द्वारा विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने योगों से होने वाले लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।









