
राजनांदगांव 13 जून 2026। ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार एवं बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा संचालित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) में ए-हेल्प मॉड्यूल अंतर्गत 15 दिवसीय पशु सखी प्रशिक्षण का मूल्यांकन पश्चात समापन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव ने सभी प्रशिक्षणार्थी दीदीयों को पशुपालन का महत्व उनका संरक्षण एवं आजीविका का महत्व बताया और सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम को श्री रविन्द्र वैष्णव ने भी संबोधित किया।
उल्लेखनीय है कि आरसेटी में ए-हेल्प मॉड्यूल अंतर्गत 15 दिवसीय पशु सखी प्रशिक्षण में शासन द्वारा संचालित पशुपालन की योजनाओं के बारे में बताया गया और प्रशिक्षण के महत्व के संबंध में जानकारी दी गई। प्रशिक्षार्थी पशु सखी दीदीयों को बकरी, गाय, मुर्गी के जीवनकाल व उनकी प्रजनन क्षमता, देखभाल, एआई टेक्निक, चारा प्रबंधन, उनमें होने वाले रोग व उनका रोकथाम, टीकाकरण सहित अन्य विषयों के संबंध में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में पशुपालन की बारीकियां, चारागाह व शाहीवाल नस्ल के गाय को टीकाकरण, एआई टेक्निक की जानकारी प्रायोगिक रूप से दी गई। इसमें होने वाले टैगिंग एवं इनके लाभ के बारे में भी बताया गया। विकासखंड छुरिया के कुमरदा कलस्टर से कुल 30 दीदियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। अब भविष्य में प्रमाणित पशु सखी के रूप में पशुपालक किसानों के बीच पशुसखी का कार्य करेंगी। प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी के साथ व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना तथा उन्हें पशुपालन एवं ग्रामीण आजीविका से संबंधित गतिविधियों के प्रति जागरूक बनाना था। कार्यक्रम में राष्ट्रीय आजीविका मिशन जिला प्रबंधक श्री पिनाकी, निदेशक श्री अमित मिश्रा, मास्टर ट्रेनर पशुपालन विभाग डॉ. अजय शर्मा सहित अधिकारी, कर्मचारी, प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे।









