
जशपुरनगर 10 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग एवं प्लाटून कमांडर प्रारंभिक परीक्षा-2024 का आयोजन रविवार 12 जुलाई 2026 को किया जाएगा। परीक्षा का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित है। जशपुर जिले में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां कुल 736 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। जिले में पहला परीक्षा केंद्र शासकीय एमएलबी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, खजांची टोली, जशपुर नगर को बनाया गया है। यहां कुल 370 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। दूसरा परीक्षा केंद्र शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जशपुर नगर, रणजीता स्टेडियम के पीछे बनाया गया है। यहां कुल 366 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।
परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले पहुंचना होगा केंद्र –
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी स्थायी निर्देशों के अनुसार सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम दो घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होना अनिवार्य होगा। इस दौरान अभ्यर्थियों की मेटल डिटेक्टर से जांच, तलाशी एवं फ्रिस्किंग की जाएगी। साथ ही मूल पहचान पत्र के साथ प्रवेश पत्र का सत्यापन और अभ्यर्थी के चेहरे का मिलान भी किया जाएगा। परीक्षा शुरू होने के 15 मिनट पहले परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में किसी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश अथवा परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसलिए अभ्यर्थियों को पर्याप्त समय पहले अपने निर्धारित परीक्षा केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई है।
प्रवेश पत्र और मूल पहचान पत्र लाना अनिवार्य –
अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में केवल निर्धारित सामग्री ही रखने की अनुमति होगी। इनमें छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा संबंधित परीक्षा के लिए जारी ऑनलाइन प्रवेश पत्र का प्रिंटआउट, मूल फोटोयुक्त पहचान पत्र जैसे मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, आधार कार्ड अथवा ई-आधार कार्ड, लेबल रहित पारदर्शी व्यक्तिगत पानी की बोतल तथा काले अथवा नीले रंग का बॉलपॉइंट पेन शामिल है। यदि प्रवेश पत्र पर अभ्यर्थी का फोटो अस्पष्ट अथवा गलत मुद्रित हो, तभी उसे दो पासपोर्ट आकार के रंगीन फोटोग्राफ साथ रखने होंगे। ऐसी विवरणात्मक परीक्षा, जिसमें चित्र बनाने की आवश्यकता हो, उसमें आयोग द्वारा एचबी पेंसिल के उपयोग की अनुमति होगी।
मोबाइल, स्मार्ट वॉच और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूर्णतः प्रतिबंधित –
परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, लॉग टेबल, पेजर अथवा किसी भी प्रकार के संचार साधन रखने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच या अन्य संचार साधन पाए जाने पर संबंधित अभ्यर्थी के विरुद्ध अनुचित साधन के उपयोग का प्रकरण दर्ज किया जा सकता है, चाहे अभ्यर्थी ने उस उपकरण का उपयोग किया हो अथवा नहीं। अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की घड़ी, चाहे वह मैकेनिकल हो या स्मार्टवॉच, पहनने की अनुमति नहीं होगी। नजर के चश्मे के अतिरिक्त गॉगल्स, गूगल या मेटा सहित अन्य डिजिटल चश्मे भी प्रतिबंधित रहेंगे। परीक्षा केंद्र में जूते, मोटे सोल अथवा ऊंची हील वाले फुटवियर पहनकर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। अभ्यर्थी केवल पतले सोल वाली चप्पल अथवा स्लीपर पहनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर सकेंगे।अभ्यर्थियों को हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति होगी। काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैंगनी तथा गहरे चॉकलेटी रंग के कपड़े पहनना वर्जित रहेगा। कार्गाे एवं डिजाइनर कपड़े पहनकर भी परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी। सामान्य जींस पैंट एवं अन्य सामान्य पैंट पहनने की अनुमति रहेगी। महिला अभ्यर्थी सलवार-कुर्ती तथा चुन्नी-दुपट्टा पहन सकती हैं, लेकिन कुर्ती की बांह आधी होनी चाहिए। साड़ी के साथ पहने जाने वाले ब्लाउज की बांह भी आधी होनी आवश्यक है।
आभूषण पहनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं –
अभ्यर्थियों को कान में किसी भी प्रकार का आभूषण पहनने की अनुमति नहीं होगी। धर्म अथवा रिवाज के अनुसार अत्यंत आवश्यक आभूषण एवं प्रतीक चिह्नों को छोड़कर अन्य आभूषण पहनना प्रतिबंधित रहेगा। विवाहित महिला अभ्यर्थियों को एक नोज पिन और एक मंगलसूत्र पहनने की अनुमति होगी। किसी भी आभूषण अथवा प्रतीक चिह्न को पहनकर प्रवेश की अनुमति गहन जांच के अधीन होगी।
अनुचित साधनों पर रहेगी कड़ी निगरानी, जैमर का होगा उपयोग –
परीक्षा केंद्रों में अनुचित संचार साधनों के उपयोग को रोकने और साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जैमर का उपयोग किया जाएगा। परीक्षा कक्ष के भीतर भी आवश्यकता के अनुसार अभ्यर्थियों की तलाशी एवं फ्रिस्किंग की जा सकेगी। परीक्षा में शामिल किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा समाप्त होने से पहले परीक्षा केंद्र छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। चिकित्सकीय आपात स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही अभ्यर्थी को अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की जा सकेगी।








